ऊना, (12 फरवरी) सुशील पंडित: नगर निगम ऊना के अंतर्गत आने वाले पुराने 11 वार्डों में स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के तहत सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। इस अभियान का उद्देश्य नगर क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना है। यह जानकारी नगर निगम ऊना के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार ने दी।
स्वयं सहायता समूह कर रहे घर-घर जाकर सर्वेक्षण
मनोज कुमार ने बताया कि अभियान के अंतर्गत नगर निगम से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं घर-घर जाकर न केवल स्वच्छता से संबंधित जानकारी एकत्रित कर रही हैं, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। सर्वेक्षण के दौरान स्वच्छता, कचरा पृथक्करण, डोर-टू-डोर कलेक्शन, स्वच्छता ऐप सहित अन्य संबंधित विषयों पर जानकारी ली जा रही है।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह की सदस्य नागरिकों को स्वच्छ आदतें अपनाने, सूखा व गीला कचरा घर पर ही अलग-अलग करने, स्वच्छता ऐप डाउनलोड करने तथा नगर निगम की स्वच्छता सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
सर्वेक्षण में सहयोग करने कि की अपील
संयुक्त आयुक्त ने पुराने 11 वार्डों के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण के दौरान आने वाले अधिकृत स्वयं सहायता समूह सदस्यों को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 को सफल बनाया जा सके और ऊना शहर को स्वच्छता की दिशा में अग्रणी बनाया जा सके।
ऑनलाइन परिवार सूची के सत्यापन व अपडेशन कार्य भी शुरू
मनोज कुमार ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण के साथ-साथ एमसी ऊना के पुराने 11 वार्डों के स्थायी निवासियों की ऑनलाइन परिवार सूची के सत्यापन एवं अपडेशन का कार्य भी किया जा रहा है। यदि परिवार सूची में नाम, आयु, पारिवारिक संबंध, पता अथवा अन्य विवरणों में किसी प्रकार की त्रुटि हो, तो उसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ सुधरवाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि परिवार सूची के सत्यापन एवं अपडेशन के लिए नागरिक आधार कार्ड, बोनाफाइड प्रमाण-पत्र, 10वीं का प्रमाण-पत्र या जन्म प्रमाण-पत्र साथ लाकर नगर निगम कार्यालय ऊना में सत्यापन करवा सकते हैं।
संयुक्त आयुक्त ने सभी स्थानीय स्थायी निवासियों से अपील की है कि वे किसी भी कार्य दिवसों में नगर निगम कार्यालय ऊना में उपस्थित होकर अपनी परिवार सूची का सत्यापन एवं अपडेशन अवश्य करवा लें। परिवार सूची का सत्यापन न करवाने की स्थिति में भविष्य में सरकारी योजनाओं, सुविधाओं एवं प्रशासनिक सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में असुविधा हो सकती है।
