बठिंडा: केंद्रीय जेल में बंद एक हवालाती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान सुक्खा राम निवासी नंगल कलां, जिला मानसा के रूप में हुई है। परिवार ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुक्खा राम की मौत लापरवाही के चलते हुई है।
मृतक के छोटे भाई राजू राम ने बताया कि वीरवार दोपहर लगभग 3 बजे उसकी सुक्खा राम से जेल फोन पर करीब डेढ़ मिनट बात हुई थी, जिसमें उसने कहा था कि वह ठीक है। लेकिन शुक्रवार को परिवार को रिश्तेदारों से सूचना मिली कि सुक्खा राम की जेल में मौत हो चुकी है, जिसके बाद रात एक बजे डेड बॉडी को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचा दिया गया, लेकिन परिवार को शुक्रवार दोपहर तक किसी भी तरह की सूचना नहीं दी गई। राजू राम ने बताया कि उसके भाई को दो महीने पहले एक साजिश के तहत झूठे केस में फंसाकर जेल भेजा गया था। भाई बिल्कुल ठीक था।
उसकी संदिग्ध अवस्था में मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा सुक्खा राम समाज सेवा से भी जुड़े हुए थे। उन्होंने 60 बार रक्तदान किया था और हाल ही में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलवीर सिंह की ओर से उन्हें स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया गया था उधर, इस मामले में थाना कैंट के एसएचओ दलजीत सिंह ने कहा कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया न्यायिक अधिकारी की निगरानी में पूरी की जाएगी।