पटियालाः पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के सुरक्षा विभाग में कॉन्ट्रैक्ट पर बतौर सुरक्षा सुपरवाइजर तैनात कर्मचारी को भ्रष्टाचार के आरोपों में बर्खास्त कर दिया गया है। रूपिंदर सिंह नाम के इस कर्मचारी पर आरोप है कि वह अपने बेटे समेत दो लोगों की फर्जी हाजिरी लगाकर उनके नाम पर वेतन ले रहा था। यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से गठित तीन मेंबरी कमेटी की जांच में रूपिंदर सिंह के खिलाफ आरोप साबित हुए हैं। जिन दो लोगों की फर्जी हाजिरी लगाकर आरोपी रूपिंदर सिंह वेतन ले रहा था, उनमें से एक इस कर्मचारी का अपना बेटा गुरप्रीत सिंह है, जो साल 2017 से न्यूजीलैंड में रह रहा है, लेकिन आरोपी ने अपने बेटे की फर्जी हाजिरी के जरिए उसे सुरक्षा स्टाफ का कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी दिखाकर साल 2015 से 2021 तक उसका वेतन हासिल किया। जांच के दौरान रूपिंदर सिंह ने आरोप स्वीकार कर लिया है।
दूसरे मामले में रूपिंदर सिंह ने अपने ही पड़ोस में रहने वाली एक महिला कुलदीप कौर का नाम भी सुरक्षा स्टाफ की कांट्रेक्ट कर्मी के तौर पर इस्तेमाल करते हुए उसकी फर्जी हाजिरी लगाई और साल 2019 से 2021 तक तनख्वाह प्राप्त की। जांच के दौरान जब कुलदीप कौर के साथ संपर्क किया गया, तो सामने आया कि वह घरेलू कामकाज करने वाली महिला है। आरोपी की ओर से उसे इस गलत काम के बदले में 1000 रुपये प्रति महीना दिया जाता था। पीयू में कानून विभाग से अध्यापक डॉ. मोनिका आहूजा ने बताया कि उनके समेत तीन मेंबरी कमेटी की ओर से इस पूरे मामले की जांच की गई है। जांच के दौरान विभिन्न सबूतों के साथ जब पुख्ता जानकारी उसके सामने रखी गई तो उसने अपने जुर्म को स्वीकार कर लिया। जाली हाजिरी के जरिए तन्ख्वाह के रूप में हासिल की रकम को आरोपी से वसूल करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वीसी प्रो. अरविंद ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।
