मुबंईः महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम अजीत पवार के निधन के बाद अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार राज्य की उपमुख्यमंत्री का कार्यभार संभालेंगी। सुनेत्रा पवार आज शाम 5 बजे मुंबई में शपथ लेंगी। ऐसे में सुनेत्रा महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन जाएंगी। इससे पहले दोपहर 2 बजे मुंबई के विधान भवन में एनसीपी विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में एनसीपी के 40 विधायक शामिल होंगे। जिसमें सुनेत्रा पवार को आधिकारिक रूप से नेता चुना जाएगा। इसके बाद शाम 5 बजे उन्हें महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई जाएगी। वहीं एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने विधानमंडल दल की बैठक से पहले सुनेत्रा पवार से मुलाकात की।
दूसरी ओर सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने को लेकर जब शरद पवार से पूछा गया कि क्या परिवार के सदस्य के तौर पर उन्हें सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने के बारे में भरोसे में लिया गया था, इस पर शरद पवार ने कहा, ‘अगर परिवार पर कोई विपदा आती है, तो परिवार एकजुट रहता है। परिवार में कोई समस्या नहीं है।’ दूसरी ओर, सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह मुंबई के लोक भवन (या राजभवन परिसर) में आयोजित किया जाएगा। शपथ ग्रहण से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र सरकार और महायुति गठबंधन एनसीपी के इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करेगी।
बता दें कि सुनेत्रा पवार का जन्म वर्ष 1963 में धराशिव जिले में हुआ था। उनके पिता बाजीराव पाटिल अपने समय के प्रभावशाली स्थानीय नेता थे, जबकि पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद पद्मसिंह पाटिल उनके सगे भाई हैं। उन्होंने वर्ष 1983 में सरस्वती भुवन कॉलेज, संभाजीनगर से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री हासिल की। साल 1985 में पद्मसिंह पाटिल की पहल पर उनका विवाह अजित पवार से हुआ। विवाह के बाद लंबे समय तक वे सक्रिय राजनीति से दूर रहीं, लेकिन सामाजिक कार्यों से उनका जुड़ाव लगातार बना रहा।
काटेवाड़ी गांव में सार्वजनिक शौचालय निर्माण की पहल उनका पहला उल्लेखनीय सामाजिक प्रयास माना जाता है। काटेवाड़ी में किए गए स्वच्छता अभियानों के चलते वर्ष 2006 में गांव को निर्मल ग्राम पुरस्कार मिला और इसे हगंडारी-मुक्त घोषित किया गया। साल 2008 में उन्होंने ‘बारामती हाई टेक टेक्सटाइल पार्क’ की स्थापना की और उसकी अध्यक्ष रहीं। वे विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी भी हैं।
वर्ष 2011 से वे फ्रांसीसी थिंक टैंक ‘वर्ल्ड एंटरप्रेन्योरशिप फोरम’ की सदस्य हैं और 2017 से सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की सीनेट में शामिल हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विभाजन के बाद उन्होंने राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी शुरू की। 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती से चुनाव लड़ा, लेकिन सुप्रिया सुले से हार गईं। इसके बाद 18 जून 2024 को वे राज्यसभा सदस्य बनीं और अब महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी।