चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार आम जनता को सस्ती और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से दवाओं की कीमतों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के दिशा-निर्देशों के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अंतर्गत प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट (PMRU) सक्रिय रूप से कार्य कर रही है, ताकि नागरिकों को दवाएं केवल सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध हों और किसी भी स्तर पर मनमानी वसूली रोकी जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान हरियाणा में दवाओं की अधिक कीमत वसूलने के 33 मामले सामने आए, जिन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए एनपीपीए, नई दिल्ली भेजा गया है। वहीं दिसंबर 2025 में पीएमआरयू हरियाणा ने तीन दवाओं में ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) के उल्लंघन का पता लगाया, जिनमें पैक पर अंकित एमआरपी निर्धारित कीमत से अधिक पाई गई। इन मामलों में संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रवर्तन के साथ-साथ जन-जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दे रही है। वर्ष 2025 में विभिन्न जिलों में 13 सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से केमिस्टों और आम जनता को दवाओं की गुणवत्ता, उचित मूल्य, कोल्ड चेन प्रबंधन और रिकॉर्ड संधारण के प्रति जागरूक किया गया। आम जनता से अपील की गई है कि वे दवाओं की सही कीमत जानने के लिए “फार्मा सही दाम” मोबाइल एप का उपयोग करें या किसी भी अनियमितता की शिकायत पीएमआरयू हरियाणा के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2413 पर दर्ज कराएं।