शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वीकृत विभिन्न क्षेत्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी लंबित विकास कार्यों को अगले तीन महीनों में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, इसलिए ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहा चहुंमुखी विकास ही राज्य के सतत और समावेशी विकास का आधार है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में पिछड़ा क्षेत्र उप-योजना, एमपीएलएडी, विधायक क्षेत्र विकास निधि, लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड, मुख्यमंत्री ग्राम पथ योजना सहित अन्य विधायक-वित्तपोषित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने चिंता जताई कि कई छोटे लेकिन आवश्यक कार्य जैसे हैंडपंप, पैदल रास्ते, नालियां, सामुदायिक भवन, रिटेनिंग वॉल, फुट ब्रिज, सिंचाई नहरें और ग्रामीण सड़कों के कार्य धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद लंबित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे विकेंद्रीकृत और आवश्यकता आधारित कार्य सीधे ग्रामीण जनता से जुड़े होते हैं और अधोसंरचना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सघन निगरानी और सख्त निर्देशों के परिणामस्वरूप अक्तूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच 18,262 कार्य पूरे किए गए हैं। इन कार्यों की निगरानी ‘रियल-टाइम डैशबोर्ड’ के माध्यम से की जा रही है और फील्ड अधिकारियों को दैनिक रिपोर्ट देने के निर्देश हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के तहत पारदर्शी, आवश्यकता-आधारित और न्यायसंगत विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विकास का लाभ हर गांव और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।
