अमृतसरः मजीठा रोड स्थित थाना सदर के बाहर वाल्मीकि समुदाय ने रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वे एक परिवार के रजामंदी-पत्र (रजीनामे) से संबंधित मामले में थाने पहुंचे थे, जहां कुछ पुलिस कर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। मीडिया से बात करते हुए समुदाय के नेता सबीर द्रविड ने कहा कि वे एक लड़की के मामले में सहायता के लिए थाने गए थे। कार्यालय में भीड़ होने के कारण वे टेबल के पास खड़े हुए थे, जिस पर मौजूद एक सब-इंस्पेक्टर ने उनके साथ अपमानजनक बातचीत की।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो अन्य कर्मियों ने धक्का-मुक्की की और अंदर बंद करने की धमकी भी दी। सबीर दरीवड़ ने कहा कि वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ अभी भी भेदभाव किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित अधिकारी सड़क पर आकर माफी नहीं मांगते तो कल भंडारी पुल पर बड़े पैमाने पर चक्का जाम किया जाएगा। इसके संबंध में पुलिस कमिश्नर को शिकायत देने की भी बात कही गई है।
दूसरी ओर, इस मामले में आरोपों का सामना कर रहे पुलिस अधिकारी ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि उन्हें यह नहीं पता था कि वे किसी संस्था के प्रधान हैं। उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति कार्यालय में आए थे और वे अपने टेबल पर सरकारी काम कर रहे थे। इस दौरान यदि वाल्मीकि नेता को मेरी बात से कोई ठेस पहुंची हो तो मैं उसकी माफी मांगता हूं और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। और पंजाब पुलिस हर किसी का सम्मान करती है और करती रहेगी।
