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मलांगड़ के अमरेहडा शिव मंदिर में हुई बाबा पहाड़िया की मूर्ति स्थापित

मलांगड़ के अमरेहडा शिव मंदिर में हुई बाबा पहाड़िया की मूर्ति स्थापित मलांगड़ के अमरेहडा शिव मंदिर में हुई बाबा पहाड़िया की मूर्ति स्थापित

बाबा पहाड़िया मंदिर पंजैण के गद्दी नशीन प्रमुख सेवादार अशोक कुमार ने करवाई मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा

धार्मिक कीर्तन दरबार सजा, भजनों से संगत निहाल,उपरांत भंडारे का आयोजन

ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत मलांगड़ में स्व रामदास मलांगड़ के अमरेहडा शिव मंदिर जो स्व रामदास मलांगड़ स्मृति भवन में स्थित है। उस शिव मंदिर में नवरात्रों की अष्टमी के उपलक्ष्य पर बाबा पहाड़िया मूर्ति की स्थापना के साथ कीर्तन दरबार सजा। बही उपमंडल बंगाणा के थाना कला के गांव पंजैण के बाबा पहाड़िया मंदिर के गद्दी नशीन प्रमुख सेवादार अशोक कुमार ने शिरकत करके बाबा पहाड़िया जी की पूर्ति स्थापना पर प्राण प्रतिष्ठा करके पूजा अर्चना की। बही धार्मिक कार्यक्रम के आयोजिक बीसी शर्मा एवम परिवार और साथ में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा प्रमुख सेवादार का भव्य स्वागत किया। विद्वानों द्वारा मंत्रो उच्चारण के साथ मूर्ति एवम प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न किया गया।

उपरांत मंदिर परिसर में कीर्तन दरबार सजा। ओर प्रमुख सेवादार अशोक कुमार ने बाबा जी के भजनों से संगत को निहाल किया। और पूरे पंडाल को खूब नचाया। प्रमुख सेवादार अशोक कुमार ने प्रवचन करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा रखनी चाहिए। और सुबह शाम प्रभु भजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभु सिमरन का भी एक विधान है। अगर विधान के साथ प्रभु के साथ लग्न लगेगी। तभी भक्ति में शक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि बाबा पहाड़िया जी की महिमा का गुणगान करने के लिए एक युग का समय चाहिए। क्योंकि जिस प्रकार बाबा पहाड़िया जी का अवतार उनकी कथाएं बताई गई है। उनका गुणगान करना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में हर के सामने मंदिर की स्थापना की गई है।

लेकिन पूजा विधि विधान का किसी को ज्ञात नहीं। कि किस प्रभु यानी भगवान को कौन सा प्रसाद भोग के लिए लगता है। उन्होंने कहा कि देखा देखी में तो हर कोई मंदिर स्थापित कर लेता है। लेकिन जब विधान की बारी आती है। तो किसी को पता नहीं होता। और यही से ही इंसान का पतन शुरू हो जाता है। प्रमुख सेवादार अशोक कुमार ने कहा कि जिस मंदिर खास कर पीपल के पेड़ के नीचे बाबा पहाड़िया जी की मूर्ति स्थापित हो।बहा पर कभी तेल का दीपक नहीं जलाना चाहिए। यह अशुभ फल देता है। उन्होंने कहा कि भक्ति में शक्ति होती है। लेकिन भक्ति करने का सही तरीका हो। उन्होंने कहा कि अध्यन करना और सुनता भी व्यक्ति के जीवन का एक हिस्सा है।

बही प्रमुख सेवादार अशोक कुमार ने बाबा पहाड़िया,बाबा बालक नाथ,भगवान भोलेनाथ,भगवान श्री कृष्ण के बारे में विस्तार से बताया। और हर भगवान की पूजा विधि के बारे में जानकारी दी। बही कीर्तन के बाद सैकडो भक्तो ने भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया । इस मौके पर स्थानीय पूर्व प्रधान राजेंद्र मलांगड़,अरविंद मलांगड़ ,सुनील कुमार, एम आर शर्मा,भक्त राम शर्मा,देवेंद्र शर्मा,बिशन दास,अनिल कुमार ,यूमेश कुमार,संजीव कुमार,भूपेश कुमार ,सुदेश शर्मा, डा अमर चंद, देवराज शर्मा,कुलदीप शर्मा के अलावा सैंकड़ों भक्त मौजूद रहे। 

दो जून से सात जून तक बाबा पहाड़िया मंदिर पंजैण में होने वाले धार्मिक कार्यक्रम का दिया निमंत्रण,

बता दें कि सात जून को बाबा पहाड़िया मंदिर गांव पंजैण थाना खास में झंडा रस्म अदा की जाती है। और दो जून को शोभा यात्रा से छ दिवसीय धार्मिक समागम का आगाज होता है। मंदिर के प्रमुख सेवादार ने मंच से सभी को निमंत्रण देते हुए कहा कि दो जून को शोभायात्रा दो जून से सात जून तक संकीर्तन दरबार और सात जून को दस बजे सुबह झंडा रस्म और उसके बाद पंजाब एवं अन्य राज्यों से आए गायकों द्वारा बाबा जी की महिमा का गुणगान किया जाता है। दो जून से सात जून तक बाबा पहाड़िया मंदिर परिसर में हर श्रद्धालु के लिए अटूट लंगर एवं खाने रहने का विशेष प्रावधान किया जाता है। आप सभी सादर आमंत्रित है। 

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