रोहतक: हरियाणा सरकार ने शनिवार को रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया का तबादला कर दिया। वहीं सुरेंद्र भोरिया को रोहतक का नया एसपी लगाया गया है। दरअसल, 4 दिन पहले ही आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले को लेकर लगातार कई अधिकारी विवादों में आ गए हैं। खुदकुशी से पहले अधिकारी ने एक नोट छोड़ा था। इस नोट में बिजारनिया सहित 8 वरिष्ठ पुलिसकर्मियों पर “जाति-आधारित भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अत्याचार” का आरोप लगाया गया था।

अभी तक आईपीएस पूरन के शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया है। इसी के कारण वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड को लेकर रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया को हटा दिया गया। अब उनकी जगह आईपीएस सुरेंद्र भौरिया को एसपी पद का कार्यभार संभालेंगे। रिपोर्ट के अनुसार बिजारणिया को अभी कहीं भी पोस्टिंग नहीं दी गई है। बताया जा रहा हैकि बिजारनिया की नियुक्ति का आदेश अलग से जारी किया जाएगा।
गौर हो कि आईपीएस पूरन का शव 5 दिनों से शवघर में रखा गया है। वहीं मृतक पुलिसकर्मी की नौकरशाह पत्नी ने एफआईआर में अधूरी जानकारी पर सवाल उठाया है। मृतक पुलिस अधिकारी की पत्नी, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने एफआईआर में “सभी आरोपियों के नाम सटीक रूप से दर्शाने” के लिए संशोधन की मांग की है।
चंडीगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को ‘आत्महत्या’ मामले की जांच” के लिए 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार एसआईटी का नेतृत्व करेंगे। वहीं, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने शाम को सेक्टर 24 स्थित अपने आवास पर अमनीत पी कुमार और उनके परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। बाद में पत्रकारों से कहा, “मैं परिवार का दर्द साझा करने आया हूं। मैं उन्हें यह भी बताने आया हूं कि उन्हें पूरा न्याय मिलेगा।
वहीं इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया है। इस एसआईटी का इंचार्ज आईजी पुष्पेंद्र कुमार को बनाया गया है जबकि इसमें एसएसपी कंवरदीप कौर, एसपी सिटी केएम प्रियंका, डीएसपी चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी गुरजीत कौर और सेक्टर-11 थाना एसएचओ जयवीर राणा को भी शामिल किया गया है।