नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव पर जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान उन्होंने भारतीय टीम के कप्तान को चैंलेज दिया। पूर्व मंत्री ने सूर्यकुमार पर बड़ा हमला करते हुए क्रिकेटर सहित उनकी बीसीसीआई और आईसीसी को चुनौती दी। दरअसल, पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत को कप्तान सूर्य कुमार यादव ने भारतीय सेना और पहलगाम हमले के पीड़ितों को समर्पित किया था। इसी बयान पर सौरभ भारद्वाज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि यह बात किसी शहीद की विधवा के सामने कही गई होती तो वह वहीं दिमाग ठीक कर देती। सौरभ भारद्वाज ने सूर्य कुमार पर भाजपा सरकार की लिखी हुई स्क्रिप्ट पढ़ने का आरोप भी लगाया।
सौरभ भारद्वाज ने भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का नाम लेते हुए कहा, ‘अगर औकात है तुम्हारी और तुम्हारी बीसीसीआई, आईसीसी की औकात है तो जितना पैसा तुमने कमाया है वह दे दो शहीदों की विधवाओं को।’ पूर्व मंत्री ने मंगलवार को कहा कहा कि वह अपनी बात पर कायम हैं। भारद्वाज ने कहा, “खिलाड़ी हो तो खेल खेलो, पैसे कमाओ। मगर आतंकवादी देश के साथ मैच खेलने के बाद शहीदों के नाम पर राजनीति मत करो। भाजपा सरकार की स्क्रिप्ट मत पढ़ो। अगर यह बयान शहीद की विधवा या किसी बुजुर्ग मां के सामने दिया होता, तो वह वहीं जवाब दे देती।”
यह पहली बार नहीं है जब ‘आप’ नेता ने भारतीय कप्तान पर निशाना साधा है। एक दिन पहले भी उन्होंने सूर्य कुमार यादव की आलोचना करते हुए चुनौती दी थी कि अगर उनमें औकातहै तो अपनी मैच फीस और कमाई शहीदों की विधवाओं और पीड़ित परिवारों को दान कर दें। भारद्वाज ने कहा था “अगर कप्तान सूर्य कुमार यादव, बीसीसीआई और आईसीसी में ताकत है तो खिलाड़ियों की कमाई शहीदों के परिवारों को सौंप दें।” भारद्वाज के इन बयानों से सियासी हलचल तेज हो गई है।
एक ओर भाजपा समर्थक सूर्य कुमार यादव की टिप्पणी को देशभक्ति से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं ‘आप’ इसे राजनीति से प्रेरित बता रही है। सौरभ भारद्वाज ने तंज करते हुए कहा, “सूर्यकुमार यादव ने इस 140 करोड़ के देश पर बहुत बड़ा एहसान किया कि हाथ नहीं मिलाया। मुझे तो लगता है कि उन्होंने पैदा होकर ही भारत पर बहुत बड़ा एहसान कर दिया। ये तो उनसे भी महान हैं जिनके बेटों ने सरहद पर कुर्बानियां दी हैं। भारतीय जनता पार्टी इनकी महानता का ढोल पीट रही है। भारत सरकार चाहे तो इनको भारत रत्न दे दे।”