जयपुरः शादियों के सीजन की शुरुआत से एक दिन पहले राजस्थान में 8000 स्लीपर बसों का संचालन बंद हो गया। दावा है 1 नवंबर से जयपुर सहित प्रदेशभर में बंद हुई बसों के कारण 3 लाख लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। लोग बसों के इंतजार में जगह-जगह फंस गए हैं। शुक्रवार को 7000 बसों का संचालन बंद हुआ था, लेकिन जयपुर से बसें चल रही थीं, लेकिन अब शनिवार से जयपुर से भी बसें बंद हो गई हैं। ऑनलाइन बुकिंग भी शनिवार से नहीं हो रही है। हालांकि, हड़ताल को लेकर बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन में विरोध भी सामने आया है।
दरअसल, जैसलमेर और मनोहरपुर में हुए हादसों के बाद परिवहन विभाग सख्त हो गया है। जैसलमेर में हुए हादसे में स्लीपर बस में जलकर करीब 20 से 22 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे का कारण बस का डिजाइन बताया जा रहा था। जिसके चलते अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अवैध बस संचालन और बॉडी डिजाइन सहित अन्य खामियों को लेकर चालान काटने शुरु कर दिए हैं। कई जगह बसों को सीज भी किया गया है। ज्यादातर कार्रवाई स्टेट से बाहर ऑपरेट होने वाली स्लीपर बसों पर हो रही है। इसके विरोध में अखिल राजस्थान कांटेक्ट कैरिज बस एसोसिएशन ने शुक्रवार को हड़ताल का ऐलान किया था।
प्राइवेट बस ऑपरेटर एसोसिएशन (स्टेज कैरिज), जयपुर के अध्यक्ष कैलाश चंद शर्मा ने कहा कि परिवहन विभाग की ओर से सुरक्षा मानकों को देखते हुए जो कार्रवाई की जा रही है। वह सही है, ऐसे में स्टेज कैरिज बसें हड़ताल में शामिल नहीं है और होगी भी नहीं।
वहीं ऑल राजस्थान कांटेक्ट कैरिज बस आपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि स्टेज कैरिज भी दो दिन बाद हड़ताल में शामिल होगी। राजस्थान बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने बताया कि स्टेज कैरिज की बसें 3 नवंबर से हड़ताल पर जा सकती हैं। इसमें कोई दो फाड़ नहीं है।