जीरकपुर: रामकृष्ण इंटरनेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टी और शिवसेना-एनडीए एलांयस के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक शर्मा ने एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब में 20 से 25 सीटों पर लड़ने का मौका दिया जाएगा तो शिवसेना सहयोगी दल बनाकर एनडीए की सरकार बनाने में पूरी ताकत से जुट जाएगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब आज कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। इसमें नशा, बेरोजगारी और प्रशासनिक विफलता प्रमुख तौर पर शामिल हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी को पंजाब के लिए बड़ा फेलियर भी बताया है और कहा कि राज्य अब 20 से 25 साल पीछे चला गया है। पंजाब को मजबूत सरकार चाहिए और पीएम मोदी के नेतृत्व में पंजाब में भी एनडीए की सरकार बननी चाहिए।
हम हिंदुओं की रक्षा करने और धर्म की मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि धर्म की रक्षा और सिखों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से कांग्रेस से दूरी बना ली है। यह जागृति मिशन है। सनातन संस्कृति की पद्दति, परंपरा और अंधविश्वास से मुक्ति दिलवाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि हिंदू और सिख धर्मों को जोड़ने का कार्य यह अभियान करेगा जैसे कि महाराष्ट्र में भी शिवसेना कर रही है।
राजनीतिक गंठबंधनों पर उनसे जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अकाली दल बड़ा भाई है और शिवसेना छोटा भाई। एनडीए के साथ चुनाव लड़ने का फैसला दिल्ली हेडक्वार्टर में होगा। महाराष्ट्र में एकजुट होकर चुनाव लड़े गए थे और वहीं सरकार बनी। हम बीजेपी के छोटे भाई हैं और हमें पूरा विश्वास है कि हमें पंजाब में चुनाव लड़ने की लिए सीटें मिलेंगी।
आगे उन्होंने कहा कि अकाली दल का एजेंडा अलग है जबकि हमारा और बीजेपी का एजेंडा समान है। कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सड़क छाप भाषा बोलते हैं। यही कारण है कि जनता कांग्रेस से दूर होती जा रही है।
वन नेशन वन इलेक्शन के मुद्दे पर भी डॉ. शर्मा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से देश को बड़ा फायदा होगा। हर साल चुनाव कराने में जो खर्च होता है वह काफी हद तक कम होगा। रिपब्लिक नेशन की शुरुआत भी वन नेशन वन इलेक्शन की अवधारणा से ही शुरु हुई थी।