ऊना/सुशील पंडित: राजकीय महाविद्यालय ऊना के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा 19 एवं 20 मार्च 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी का विषय “समावेशी ग्रामीण विकास पर बहुआयामी दृष्टिकोण” निर्धारित किया गया है। यह आयोजन भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के ICSSR North-Western Regional Centre के तत्वावधान में, Panjab University (पंजाब विश्वविद्यालय), चंडीगढ़ के सहयोग से संपन्न होगा।
संगोष्ठी में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं शोध संस्थानों से विद्वान, शिक्षाविद् तथा शोधार्थी भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान समकालीन आर्थिक परिदृश्य, ग्रामीण विकास की चुनौतियां, समावेशी विकास की रणनीतियां, नीतिगत सुधार, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास तथा रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रतिभागियों द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे तथा विशेषज्ञों के व्याख्यान, तकनीकी सत्र एवं परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी।
संगोष्ठी के संयोजक डॉ. शाम सिंह बैंस ने बताया कि इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य अकादमिक संवाद को सुदृढ़ करना तथा शोध और नीति-निर्माण के मध्य प्रभावी सेतु स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत के संतुलित, समावेशी और सतत विकास के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मीता शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक आयोजनों से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नवीन विचारों एवं समकालीन शोध प्रवृत्तियों से परिचित होने का अवसर प्राप्त होता है। इससे उनकी बौद्धिक क्षमता का विकास होता है तथा महाविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण और अधिक सुदृढ़ होता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह संगोष्ठी सभी प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध होगी।