भारतीय रिजर्व बैंक के समक्ष उद्यमियों ने रखी सिबिल से संबंधित समस्याएं
बद्दी/सचिन बैंसल: भारतीय रिजर्व बैंक शिमला क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा वीरवार को बद्दी के होटल लेमन ट्री में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए कस्टमर मीट आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन आरबीआई शिमला के क्षेत्रीय निदेशक अनुपम किशोर ने किया, जिन्होंने एमएसएमई की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका और वित्तीय सशक्तिकरण पर जोर दिया। मुख्य महाप्रबंधक डिंपल भांडिया ने विदेशी मुद्रा बाजार से जुड़ी आरबीआई की पहलों पर प्रकाश डाला। बैठक में यूको बैंक सोलन चना मिश्रा, एलडीएम सोलन तमन्ना मोदगिल, एमएसएमई-डीएफओ सिबिल और विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में 100 से अधिक उद्यमियों ने भाग लेकर वित्तीय पहुंच, ऋण गारंटी योजनाओं और डिजिटल समाधानों पर चर्चा की। कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में ऋण प्रवाह और वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करना रहा।बैठक के दौरान उद्यमियों ने आरबीआई की टीम से कई सवाल भी किए। बीबीएनआईए के पूर्व अध्यक्ष शैलेष अग्रवाल ने आरबीआई अधिकारियों से निवेदन किया है कि वह सिबिल व लीगल एंटीटी आईडेंटीफिकेशन का सर्वे स्वयं करे। निजी एजेंसियों द्वारा सर्वेक्षण किया जाता है, जिसके चलते किसी भी उद्यमी का वह स्कोर खराब कर देते हैं, जिससे उन्हें लोन लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कस्टमर को अपना सिबिल स्कोर खुद पता होना चाहिए और इसमें पूरी तरह ट्रांस्पेरेंसी होनी चाहिए। निजी बैंक व एजेंसियां उद्यमी के सिबिल व एलईआई को टूल की तरह इस्तेमाल करती हैं, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ृता है। शैलेष ने कहा कि आई हुई टीम ने उद्यमियों की शंकाओं व जिज्ञासाओं का सही समाधान नहीं किया और उचित जबाब नहीं दिए। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव डा. विक्रम बिंदल, पूर्व बीबीएनआईए अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, रजनीश विज, राजीव सत्या, परवाणु बैंक के मैनेजर अमर कौशल, पीएनबी के मैनेजर विशाल रहेजा, इंडस बैंक के मैनेजर संजीव शर्मा, लघु उद्योग संघ के उपाध्यक्ष सुरेंद्र अत्री, सुनील शर्मा व अजय वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।