नामजद ZOOM Shoe के संचालकों की तलाश में छापेमारी जारी
जालंधर, (ENS): जालंधर-फगवाड़ा हाईवे स्थित मैरिज रिजॉर्ट हवेली (हेरिटेज) में 8 फरवरी की रात कारोबारी सिमरदीप सिंह टक्कर पर हुए कातिलाना हमले के मामले में कपूरथला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केस में दो और संगीन धाराएं जोड़ दी है।
फगवाड़ा सदर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या प्रयास और किडनैपिंग की कोशिश की धाराएं बढ़ाई हैं। स्टील कारोबारी के बेटे नमन खन्ना की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान थाना पुलिस ने कोर्ट में पेश रिपोर्ट में यह खुलासा किया। याची पक्ष के वकील द्वारा समय मांगे जाने पर सुनवाई 21 फरवरी तक स्थगित कर दी गई है। तब तक नमन खन्ना की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी। वहीं सह-आरोपी निविश खन्ना की अग्रिम जमानत अर्जी पर अंतरिम राहत नहीं मिली है।
फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी
पुलिस ने नमन खन्ना को ट्रैकिंग पर डालते हुए अन्य आरोपियों अनिल खन्ना, संजय खन्ना, निखिल खन्ना, निविश खन्ना, रिश्व खन्ना, अक्षय सोनी, अकुल सोनी और गुरदीप सिंह उर्फ संधू—की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनके मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं। थाना सदर की एसएचओ सोनम दीप कौर ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई कर रही है। आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और सभी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पीड़ित का आरोप—प्रभाव के चलते नहीं हो रही सख्त कार्रवाई
गंभीर रूप से घायल सिमरदीप सिंह टक्कर ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रभाव के दबाव में सख्ती नहीं दिखा रही, जिस कारण आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं। हमलावर यह तक भूल गए कि वह उनके मेहमान थे। सिमरदीप के मुताबिक विवाद की शुरुआत आरोपियों की ओर से हुई और नमन खन्ना ने उनसे 11 लाख रुपये उधार लेकर समारोह आयोजित किया था।
परिवार पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद व्यापारिक व सामाजिक हलकों में खन्ना परिवार की आलोचना हो रही है। बड़े कारोबारी वर्ग का तर्क है कि यदि किसी सुरक्षा कर्मी की मौजूदगी पर आपत्ति थी तो पैलेस प्रबंधन के माध्यम से शांतिपूर्वक समाधान निकाला जा सकता था।
उल्लेखनीय है कि 8 फरवरी की रात हवेली (हेरिटेज) में केके ट्रेडर, खन्ना स्टील्स और जूम शूज से जुड़े लोगों पर सिमरदीप पर जानलेवा हमला कर किडनैपिंग की कोशिश करने के आरोप हैं। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद बताई जा रही है। मामले में पहले थाना सदर फगवाड़ा में केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद अब धाराएं बढ़ाई गई हैं।