मेरठः ऑनलाइन गेमिंग की लत में काफी लोग डूबे हुए है। इस गेम से जल्द अमीर बनने के लालच में लोग कर्ज में डूब रहे है। जिसके बाद वह क्राइम की दुनियां में कदम रख लेते है। वहीं कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में युवक के अपहरण मामले की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने चौकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि पिता ने बेटे के अपरहण की झूठी कहानी रची थी। एसपी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पिता दीपक ऑन लाइन गेमिंग एप पर गेम खेलता था। कर्ज के बोझ से दबे पिता ने रुपये जुटाने के लिए 15 वर्षीय बेटे हनी के अपहरण की झूठी साजिश रच डाली।
उसने बेटे को छिपाकर पत्नी से 6 लाख रुपये की फिरौती मांगने की कहानी गढ़ दी। पुलिस ने जांच के दौरान पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बच्चे को मुरादनगर से सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि थाने में पिता ने बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले दिन पिता ने पुलिस को बताया किडनैपर्स ने फिरौती की चिट्ठी भेजी है, जिसमें 6 लाख रुपये की मांग की गई है। पुलिस ने गहनता से जांच की तो फिरौती का आरोप सन्दिग्ध पाया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी “चिल चैट” नाम का ऑनलाइन गेम खेलता था।
गेम में रकम हारने से उस पर 8 लाख का कर्ज हो गया था। कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उसने अपने बेटे के अपहरण की अफवाह फैलाई। पुलिस जांच में सामने आया है कि क्रेडिट कार्ड से आरोपी ने विभिन्न बैंकों से क्रेडिट कार्ड बनवाकर उनसे मिले पैसों को ऑनलाइन गेम में लगा दिया था। लगातार हारने के कारण वह भारी कर्ज में डूब गया। इसके बाद उसने ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए करीब 2 लाख रुपये और उधार लिए, जिन्हें भी वह गेमिंग में गंवा बैठा। मार्च महीने की किस्तें बकाया होने और कर्जदारों के दबाव से परेशान होकर उसने अपने ही बेटे को बहला-फुसलाकर छिपा दिया। इसके बाद पत्नी से रुपये निकलवाने के लिए अपहरण और फिरौती की झूठी कहानी रच दी। हालांकि पुलिस की सख्त पूछताछ और जांच में पूरी सच्चाई सामने आ गई।