ऊना/ सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त अनुसूचित जाति वर्ग की शिकायतों पर संबंधित जिला प्रशासनों द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट्स की शुक्रवार को आयोग की बैठक में समीक्षा की गई।बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने बताया कि आयोग को विभिन्न जिलों से इन मामलों के निपटारे से संबंधित जवाबी पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनका अवलोकन किया गया। उन्होंने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित कर रहा है कि अनुसूचित वर्गों से जुड़े मामलों में प्रशासन द्वारा समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोग की नई सदस्य अधिवक्ता शालिनी के कार्यभार ग्रहण करने से आयोग की सदस्य संख्या पूर्ण हो गई है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। बता दें, बताया कि आयोग में पहले से अधिवक्ता विजय डोगरा और अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।
बैठक में फरवरी माह में होने वाली आयोग की आगामी बैठक की रूपरेखा भी तय की गई, जिसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से जुड़े मामलों पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी।
इस दौरान आयोग की सदस्य अधिवक्ता शालिनी द्वारा कांगड़ा जिला के देहरा उपमंडल के गांव कलरू तथा कांगड़ा उपमंडल के रिहाला गांव की अनुसूचित जाति बस्ती में लंबे समय से चले आ रहे रास्ते के विवाद को स्थानीय लोगों और अधिकारियों की मौजूदगी में सुलझाए जाने की रिपोर्ट भी आयोग के समक्ष रखी गई। बैठक में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रवक्ता दिलेराम ने आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा तथा सदस्य सचिव विनय मोदी भी उपस्थित रहे।
