नई दिल्ली : भारत-एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान सरवम एआई का नाम तेजी से सामने आ रहा है। इसका कारण है कि कंपनी का नया प्लेटफॉर्म सरवम Edge इसको ऑन डिवाइस एआई के तौर पर पेश किया गया है। आसान शब्दों में बोलें तो एआई आपके मोबाइल और लैपटॉप में बिना इंटरनेट के भी चल पाएगा। मतलब है कि हर सवाल या कमांड के लिए डेटा क्लाउड पर भेजने की जरुरत नहीं होगी। प्रोसेसिंग डिवाइस के अंदर ही होगी। यह आईडिया नया नहीं है परंतु भारत जैसे देश में यह काफी प्रैक्टिक्ल हो सकता है। यहां हर जगह तेज और स्टेबल इंटरनेट नहीं मिलेगा। ऐसे में ऑफलाइन या लो इंटरनेट पर चलने वाला एआई ज्यादा काम का साबित हो सकता है।
किसके लिए बना है Sarvam Edge
Sarvam Edge का फोकस रोजमर्रा के बेसिक एआई कामों पर है जैसे वॉइस को टेक्सट में बदलना। टेक्सट को दूसरी भाषा में ट्रांसलेट करना और कुछ लिमिटेड एआई असिस्टेंट टास्क। कंपनी भारतीय भाषाओं पर इस समय ज्यादा काम कर रही है इसलिए इसका इस्तेमाल उन यूजर्स के लिए ज्यादा फायदेमंद होगा जो हिंदी या दूसरी किसी लोकल लेंग्वेज में काम करते हैं।
ऑन डिवाइस होने का एक फायदा प्राइवेसी से जुड़ा हुआ है। यूजर का डेटा बाहर सर्वर पर नहीं जाता है। सब कुछ फोन या लैपटॉप में ही प्रोसेस होता है हालांकि दूसरा पहलू भी है। यदि डिवाइस पुरानी या कमजोर हार्डवेयर है तो परफॉर्मेंस और बैटरी पर असर पड़ेगा।
चैटजीपीटी क्लाउड पर चलने वाला बड़ा एआई मॉडल है। यह इंटरनेट के जरिए काम करता है। इसकी ताकत यह है कि यह काफी जटिल सवालों को हैंडल कर सकता है। लॉन्ग कनर्सवेशन कर सकता है और कई टॉपिक्स पर डीप जवाब देता है। सरवम ऐज का अप्रोच अलग है। यह छोटे और हल्के मॉडल पर काम करता है। इसका मकसद हर तरह का एक जनरल एआई बनाना नहीं है बल्कि कुछ खास टास्क को लोकर लेवल पर आसान बनाना है जहां इटरनेट नहीं है या स्लो है। वहां यह ज्यादा काम का हो स कता है। सीधी भाषा में कहें तो चैट जीपीटी ज्यादा पावरफुल है लेकिन सरवम Edge ज्यादा प्रैक्टिकल कंडीशन को टारगेट करता है। दोनों का इस्तेमाल अलग अलग है।