कपूरथलाः 4 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अमृतसर से अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान गई कपूरथला की रहने वाली सरबजीत कौर ने नासिर हुसैन के साथ निकाह कर लिया था। वहीं इस मामले में अब पंजाबी महिला सरबजीत कौर को पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया है। सरबजीत के साथ उसके पाकिस्तानी पति नासिर हुसैन को भी हिरासत में लिया गया है। सरबजीत को पाकिस्तान से अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत डिपोर्ट किया जाएगा।
पाकिस्तान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और पाकिस्तानी पंजाब सरकार के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने सरबजीत की गिरफ्तारी की पुष्टि की। अरोड़ा ने कहा- 4 जनवरी 2026 को ननकाना साहिब के गांव पेहरे वाली में इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। पाकिस्तान सरकार ने सरबजीत को भारत डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बता दें कि पाकिस्तान में सरबजीत कौर के इस्लाम धर्म अपनाने के बाद अचानक उर्दू में लिखा सरबजीत का निकाहनामा वायरल हो गया। जिसमें लिखा था कि सरबजीत ने पाकिस्तान में इस्लाम धर्म अपना लिया है। उसने शेखुपुरा नूर हुसैन नाम के मुस्लिम व्यक्ति से निकाह कर लिया है।
इसके बाद 15 नवंबर को उसका एक वीडियो भी वायरल हो गया। जिसमें उसने मौलवी को कहा कि वह मुस्लिम बनना चाहती है। सरबजीत ने कहा कि वह नासिर से प्यार करती है और 9 साल से उसे जानती है। सरबजीत ने यह भी कहा था कि मेरा तलाक हो चुका है। निकाह के लिए सरबजीत ने मुस्लिम धर्म अपनाकर अपना नाम भी नूर हुसैन रख लिया था।सरबजीत के पाकिस्तान में निकाह करने के बाद उसके वीजा के लिए दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इसमें पता चला कि उसने पाकिस्तानी इमिग्रेशन में भरे फॉर्म में अपनी राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां ही नहीं भरी थी।
इससे पाकिस्तान में उसे ट्रेस करना मुश्किल हो गया था। निकाह करने के बाद नूर हुसैन बनी सरबजीत नासिर हुसैन के साथ छिपकर रह रही थी। सरबजीत कपूरथला के गांव अमानीपुर की रहने वाली हैं। ये गांव पोस्ट आफिस टिब्बा का हिस्सा है और थाना तलवंडी चौधरियां के अंडर आता है। गांव के लोगों का कहना था कि महिला का अपने पति से तलाक हो चुका है। उसके दो बेटे हैं। इनके खिलाफ भी सुल्तानपुर लोधी में 10 से ज्यादा पर्चे दर्ज हैं। जिनमें वेश्यावृत्ति का भी केस शामिल है। गांव अमानीपुर के अंदर सरबजीत की आलीशान कोठी है। उसका लोगों से ज्यादा मिलना जुलना नहीं था, न ही विवादों के कारण लोगों का उसके घर ज्यादा आना जाना है।