चंडीगढ़/मोहाली: Bhagwant Mann के नेतृत्व में Mohali तेजी से एक बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्ट-अप हब के रूप में उभर रहा है। यह बात उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री Sanjeev Arora ने Progressive Punjab Investors Conference 2026 के दौरान कही। प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में “ब्रांड मोहाली” विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मोहाली अब सिर्फ एक सैटेलाइट शहर नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक टेक्नोलॉजी और स्टार्ट-अप केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कैबिनेट मंत्री ने घोषणा की कि पंजाब सरकार कालकट भवन में एक समर्पित स्टार्ट-अप हब स्थापित कर रही है, जिसे दक्षिण कोरिया के प्रसिद्ध Pangyo Techno Valley के मॉडल पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत आईटी कंपनियों और डेटा सेंटरों को कमर्शियल बिजली दरों से हटाकर औद्योगिक दरों के दायरे में लाया गया है, जिससे मोहाली की आईटी कंपनियों को देश में सबसे सस्ती बिजली मिलेगी। साथ ही आईटी कंपनियों को प्रति कर्मचारी 5,000 रुपये और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के लिए 7,000 रुपये प्रति कर्मचारी प्रति माह की सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।

इस दौरान हाउसिंग और शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव Vikas Garg ने बताया कि पिछले एक वर्ष में मोहाली में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन की नीलामी हो चुकी है और शहर के विस्तार के लिए 7,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि हासिल करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य मोहाली को एशिया के टेक्नोलॉजी नक्शे पर एक प्रमुख शहर के रूप में स्थापित करना है।