Punjab Govt AD
HomeHimachalसिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी के चार वीर पुत्रों के...

सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी के चार वीर पुत्रों के अद्वितीय बलिदान और साहस को नमन: दविंदर भुट्टो

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

कुटलैहड़ के गुरुद्वारा में सज़ा कार्यक्रम, गुरुवाणी जत्था ने किया कीर्तन

ऊना/सुशील पंडित: कुटलैहड़ विस क्षेत्र के गुरुद्वारा कुरियाला में वीर बाल दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम में कुटलैहड़ के भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने शिरकत की। कार्यक्रम में कीर्तन दरबार सजाया गया। बहीं दविंदर भुट्टो ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद बाद हर साल 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन सिखों के दसवें गुरु- गुरु गोबिंद सिंह जी के चार वीर पुत्रों के अद्वितीय बलिदान और साहस के प्रति सम्मान जताने के लिए मनाया जाता है। भुट्टो ने कहा कि सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह ने धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। हम परिवार की शहादत को सब नमन करते हैं। उनके दो छोटे साहिबजादों ने निरंकुश शासक के आगे झुकने से इनकार कर दिया और डट कर आततायी का सामना किया। उन नन्हें साहिबजादों को श्रद्धा से याद करने का दिन है।

भुट्टो ने कहा कि 26 दिसंबर , इस बार पहली बार महान वीर गाथा की महत्ता बताने के लिए भारत के वीर बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। यह दिन न केवल सिख धर्म के अनुयायियों के लिए बल्कि सभी भारतीयों के लिए प्रेरणा दायक है। भुट्टो ने कहा कि 26 दिसंबर को 1705 में इन महान सपूतों को धर्म नहीं बदलने पर मुगल सेनापति वजीर खान ने उन्हें जिंदा दीवार में चुनवा दिया था। 26 दिसंबर को सरहिंद के नवाज वजीर खान ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को खुले आसमान के नीचे कैद कर दिया। वजीर खान ने दोनों छोटे साहिब जादों को धर्म परिवर्तन के लिए कहा लेकिन दोनों साहिबजादों ने ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारे लगाते हुए धर्म परिवर्तन करने से इनकार कर दिया, वजीर खान ने दोनों साहिब जादों को धमकाते हुए कहा कि कल तक या तो धर्म परिवर्तन करो या मरने के लिए तैयार रहो।

दविंदर भुट्टो ने कहा कि दोनों साहिबजादों को बेहद प्यार से तैयार करके दोबारा से वजीर खान की कचहरी में भेजा। यहां फिर वजीर खान ने उन्हें धर्म परिवर्तन करने को कहा लेकिन छोटे साहिबजादों ने मना कर दिया और फिर से जयकारे लगाने लगे , यह सुन वजीर खान ने गुस्सा में आकर दोनों साहिब जादों को जिंदा दीवार में चुनवा दिया। उनको नमन करने के लिए ही सिख समुदाय ने वीर बाल सप्ताह मनाना शुरू किया उसमें से भी 26 दिसंबर का दिन शहादत को समर्पित है।
भुट्टो ने कहा कि वीरबाल दिवस 26 दिसंबर को मनाया जाता है, जो सिख इतिहास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दिन है। 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का मुख्य कारण सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों जोरावर सिंह और उनके छोटे भाई पांच साल के बाबा फतेह सिंह की वीरता को सम्मानित करना है। यह निर्णय भारत सरकार ने लिया है।

इसका उद्देश्य देश के युवा और बच्चों को उनके उत्कृष्ट योगदान और कार्यों के लिए सम्मानित करना है। भुट्टो ने कहा कि 9 जनवरी 2022 को गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने घोषणा की थी कि 26 दिसंबर को श्री गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की स्मृति में ‘वीर बाल दिवस’ मनाया जाएगा। इस मौके पर जिला पार्षद सदस्य कृष्ण पाल शर्मा, संतोष सैनी, सूरम सिंह, भाजपा महामंत्री राजेंद्र मलांगड़, बलराम बबलू, सुदर्शन शर्मा, उपप्रधान जीवन शर्मा के अलावा दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
Punjab Govt AD

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -