तिब्बतः यहां के डिंगरी में मंगलवार को भूकंप ने काफी कहर मचाया था। 7.1 की तीव्रता से आए भूकंप ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर भारी तबाही मचाई। मंगलवार के भूकंप में 126 लोगों की जान चली जाने की खबर मिली थी। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद, तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने लिखा है कि भूकंप में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए।
परम पावन की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित संदेश में उन्होंने लिखा है कि आज सुबह तिब्बत के डिंगरी और आसपास के क्षेत्रों में आए विनाशकारी भूकंप के बारे में जानकर मिली तो मुझे बहुत दुख हुआ। इसके परिणामस्वरूप कई घरों और संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ। संदेश के अंत में लिखा है, मैं उन लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं जिन्होंने अपनी जान गंवाई है और जो लोग घायल हुए हैं, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
वहीं तिब्बत निर्वासित सरकार की सांसद नमग्याल डोलकर ने कहा कि चीन अधिकृत तिब्बत में मंगलवार सुबह तिब्बत के शिगात्से को केंद्र बिंदु बनाते हुए आए 7.1 तीव्रता वाले भूकंप की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि चीनी मीडिया और तिब्बतियों द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं, वर्तमान में वहां क्या स्थिति है, कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में भी तिब्बत में बड़ा भूकंप आया था, उस दौरान भी कई लोगों की जानें चली गई थी। उन्होंने कहा कि भूकंप के बाद तिब्बत में रह रहे तिब्बतियों की उन्हें चिंता सता रही है।
तिब्बती प्रशासन में सूचना व विदेशी मामलों के सचिव कर्मा छोएंग ने कहा कि भूकंप की बेहद दुखद खबर सामने आई है। उन्होंने कहा कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह की ये घटना हुई है। ढींगरी क्योंकि हिमालय पर्वत के बिल्कुल नजदीक है और हिमालय पर्वत हमेशा से भूकंप की चपेट में आता रहता है। कर्मा ने दिवगंत लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए घायलों के जल्द स्वास्थ्य होने की उम्मीद की है।
वहीं निर्वासित तिब्बत सरकार के सिक्यांग पेम्पा सेरिंग ने कहा कि उन्हें भी ये जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है और उन्हें बहुत दुख है कि इस तरह की घटना तिब्बत में हुई है। उन्होंने इस घटना में जान गंवाने वालों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।