नई दिल्लीः अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू होगा और पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर पंजीकरण कराया जाएगा। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की ने इसकी जानकारी दी है और यात्रा शुरू होने की जानकारी शीघ्र उपलब्ध करवाई जाएगी। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विभिन्न बैंकों में होने वाले बैंकों की शाखाओं में होने वाले पंजीकरण की जानकारी उपलब्ध करवा दी है। बोर्ड ने कहा है कि 9 अप्रैल के बाद से जारी किया गया स्वास्थ्य प्रमाण पत्र ही वैध होगा। यात्री की आयु 13 साल से कम और 70 साल की आयु से अधिक नहीं होनी चाहिए। एडवांस पंजीकरण पहले की तरह आधार आधारित बायोमैट्रिक तरीके से होगा। हर श्रद्धालु को आवश्यक स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनवाना होगा।
प्रति यात्री से एक सौ पचास रुपये की पंजीकरण फीस ली जाएगी। कुल 554 शाखाओं में पंजीकरण होगा। जिसमें से पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, जम्मू कश्मीर बैंक, यस बैंक शामिल है। जम्मू कश्मीर के डोडा, जम्मू, कठुआ, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी, सांबा, श्रीनगर, उधमपुर, रियासी, अनंतनाग, पुलवामा, डोडा में संबंधित बैंकों की विभिन्न शाखाओं में एडवांस पंजीकरण किया जाएगा। बोर्ड ने विभिन्न प्रदेशों और केंद्र शासित प्रदेशों में डॉक्टरों और अस्पतालों की सूची भी जारी कर दी है। यात्रा परमिट भी इसी आधार पर जारी किए जाएंगे। तीर्थयात्रा की आधिकारिक तिथियों की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे समय पर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें।
पंजीकरण के साथ ही यात्री को पहलगाम या बालटाल के लिए यात्री परमिट दिया जाएगा। आरआईएफडी के बिना यात्रा की अनुमित नहीं होगी। विदेशी नागरिक श्रद्धालुओं का श्री बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण पंजाब नेशनल बैंक से होगा। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की तरफ से जारी के निर्देश के तहत विदेशी नागरिक श्रद्धालु को आवश्यक दस्तावेजों को पंजीकरण के लिए आईटी विभाग पंजाब नेशनल बैंक के सीनियर मैनेजर, सर्किल ऑफिस जम्मू को ईमेल करना होगा। जिसमें आवेदन फार्म आवश्यक स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, वैध पासपोर्ट स्कैन फोटो और प्रति यात्री पंजीकरण फीस 1550 रुपए बैंक के खाते में जमा करवानी होगी। यह जानकारी श्रद्धालु श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट से हासिल कर सकते हैं। आरआइएफडी कार्ड के बिना कोई भी श्रद्धालु यात्रा नहीं कर सकेगा। यह कार्ड जम्मू कश्मीर के विभिन्न जिलों में स्थापित किए जाने वाले केंद्रों में उपलब्ध होंगे।