चित्र बनाने वाले लोग धोखा दे सकते, लेकिन चरित्र बनाने बनाने वाला नहीं
बद्दी/सचिन बैंसल: बसंती बाग आवासीय कालोनी बद्दी में आयोजित श्री राम कथा के तृतीय दिवस अयोध्या धाम के सुप्रसिद्ध प्रवक्ता डा. धरणीधर महाराज ने कहा भगवान श्रीराम का अवतार मानव समाज को धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन का मार्ग दिखाने के लिए हुआ था। उन्होंने कथा के दौरान सबसे पहले भगवान शिव और माता पार्वती के प्रसंग का उल्लेख किया। डॉ.धरणीधर ने समझाया कि कैलाश पर्वत पर रहते हुए भी भगवान शिव और माता पार्वती ने अपने गृहस्थ जीवन में श्रीराम कथा को सर्वोच्च स्थान दिया। यह भी बताया कि वही गृहस्थ जीवन धन्य है जिसमें पति-पत्नी एकांत में राम कथा का चिंतन और चर्चा करते हैं।
अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम का अयोध्या में जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं है, बल्कि यह मानव समाज को आदर्श चरित्र का संदेश देने वाला एक दिव्य प्रसंग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चित्र बनाने वाले लोग संसार को धोखा दे सकते हैं, लेकिन चरित्र बनाने वाले व्यक्ति पर पूरा समाज विश्वास करता है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्गुण और निराकार भगवान सगुण और साकार रूप में क्यों प्रकट हुए। इसका मुख्य कारण राजा मनु और शतरूपा की कठोर तपस्या थी, जिन्होंने भगवान को पुत्र रूप में प्राप्त करने की कामना की थी।
डॉ.धरणीधर महाराज ने कथा में श्रीराम जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया गया कि महाराज दशरथ ने गुरु वशिष्ठ के मार्गदर्शन में पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ के दौरान अग्निदेव खीर लेकर प्रकट हुए, जिसे ग्रहण करने के बाद माता कौशल्या के गर्भ से भगवान श्रीराम का जन्म हुआ। इस अवसर पर हंस आनंद जहां डॉक्टर बाबूलाल यादव, संजय चौरसिया, यश के पाण्डेय, राजेश पाण्डेय, मनीष भारद्वाज, संजीव तायल, निशा तायल, रंजीत श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।
कैपशन-बसंती बाग में श्रीराम कथा पर प्रवचन करते कथावाचक। बददी-4
