नई दिल्लीः लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक Kanshi Ram को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान Bharat Ratna से सम्मानित करने की मांग उठाई है। इसके लिए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर अपनी बात रखी है। राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से लगातार कांशीराम के योगदान का जिक्र करते हुए उनके सम्मान में बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने समाज में बराबरी और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए बड़ा संघर्ष किया, इसलिए उन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए।
कांशीराम की जयंती से पहले दिया बयान
कांशीराम की जयंती (15 मार्च) से दो दिन पहले लखनऊ के Indira Gandhi Pratishthan में आयोजित संविधान सम्मेलन में राहुल गांधी ने कांशीराम और B. R. Ambedkar के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कांशीराम जी हमेशा समाज में समानता और न्याय की बात करते थे। राहुल गांधी ने यह भी स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्टी अपने काम को पूरी तरह से सही तरीके से नहीं कर पाई। उनके अनुसार अगर कांग्रेस ने अपना काम ठीक से किया होता तो शायद कांशीराम को इतनी बड़ी राजनीतिक सफलता नहीं मिलती।
नेहरू जीवित होते तो कांशीराम कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर भारत के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru आज जीवित होते, तो कांशीराम को कांग्रेस की ओर से उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता था। हालांकि इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांशीराम ने तो कांग्रेस के विरोध में ही राजनीति की और इसी कारण उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी।
कांशीराम का राजनीतिक सफर
कांशीराम ने पिछड़े और दलित वर्गों के अधिकारों के लिए लंबे समय तक काम किया। उन्होंने 1978 में पिछड़े वर्गों के हितों के लिए BAMCEF नाम का संगठन बनाया। इसके बाद 1984 में उन्होंने Bahujan Samaj Party (बसपा) की स्थापना की। बसपा ने बाद में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ी ताकत के रूप में अपनी पहचान बनाई।
बीजेपी पर 85% आबादी को नजरअंदाज करने का आरोप
राहुल गांधी ने अपने भाषण में Bharatiya Janata Party (बीजेपी) सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज देश की 85 प्रतिशत आबादी को नजरअंदाज किया जा रहा है। राहुल गांधी के मुताबिक संविधान कहता है कि यह देश सभी का है और सभी लोग बराबर हैं, लेकिन आज समाज को 15 प्रतिशत और 85 प्रतिशत में बांट दिया गया है और फायदा केवल 15 प्रतिशत लोगों को ही मिल रहा है।
गांधी, आंबेडकर और कांशीराम का उदाहरण दिया
अपने भाषण में राहुल गांधी ने Mahatma Gandhi, B. R. Ambedkar और कांशीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि इन नेताओं ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी कई साल जेल में रहे लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। इसी तरह बाबासाहेब आंबेडकर और कांशीराम ने भी समाज के लिए अपना जीवन समर्पित किया और कभी समझौता नहीं किया।
2027 चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा फैसला
यह कार्यक्रम कांग्रेस के ओबीसी और एससी विभागों तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सहयोग से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान मंच से प्रस्ताव पास करके कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की गई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस का यह कदम 2027 के चुनावों से पहले दलित और पिछड़े वर्गों को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।