नई दिल्लीः लोकसभा में कांग्रेस सासंद राहुल गांधी और केंद्रिय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू में तकरार देखने को मिली है। जहां राहुल गांधी ने संसद में प्रदर्शनकारी विधायकों की सरहाना की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को अपना गद्दार दोस्त बताया। दरअसल, रवनीत बिट्टू बोले देश के दुश्मन। दरअसल, कांग्रेस के निलंबित सांसद मकर द्वार पर प्रदर्शन कर रहे थे। रवनीत बिट्टू ने कहा कि ऐसे बैठे हैं, कि कारगिल का युद्ध जीत कर आए हैं। तभी राहुल गांधी बोले गद्दार आ रहा है मेरे गद्दार दोस्त तुम वापिस आओगे और हाथ मिलाने के लिए बढ़ाया लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया और बोले ये देश के दुश्मन हैं।
वहीं मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने नरवणे जी ने किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रिय मंत्री राजनाथ बारे में लिखा हुआ है। ऐसे में किताब में लिखी बाते उन्हें बोलने नहीं दी जा रही। राहुल गांधी ने कहा कि वह उस आर्टिकल को कोट कर रहे है और वह खुद नहीं कह रहे है। राहुल गांधी बोले किताब में लिखी बातों को वह बयां कर रहे हैं, जिससे पीएम मोदी और केंद्रिय मंत्री राजनाथ के बारे में लोगों को पता चल जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि चाइना जब हमारे सामने खड़ा था और आगे आ रहा था, उस दौरन 56 इंच की छाती को क्या हुआ था, वह सब उस किताब में लिखा हुआ है।
बीते दिन भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस किताब का जिक्र करते हुए कहा था कि यह मैं नहीं कह रहा, यह बात पूर्व आर्मी चीफ ने एक किताब में लिखी है। उस किताब को पब्लिश नहीं होने दिया जा रहा है। वह अटकी हुई है, और यह आर्मी चीफ का नजरिया है। वे आर्मी चीफ के नजरिए से इतना क्यों डर रहे हैं? आर्मी चीफ जो कहना चाहते हैं, उससे वे इतना क्यों डर रहे हैं? हमें इससे कुछ सीखने को मिलेगा। बेशक, हमें एक प्रधानमंत्री के बारे में कुछ सीखने को मिलेगा। हमें राजनाथ सिंह जी के बारे रमें कुछ सीखने को मिलेगा।
लेकिन हमें आर्मी के बारे में भी कुछ सीखने को मिलेगा और कैसे देश की राजनीतिक लीडरशिप ने उसे नीचा दिखाया। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। मुझे बस 2-3 लाइनें बोलनी हैं. यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। ये आर्मी चीफ (पूर्व) के शब्द हैं, और यह बातचीत उन्होंने राजनाथ सिंह जी और पीएम मोदी से की थी। मैं बस इतना कह रहा हूं कि मैं सदन में वही कहना चाहता हूं जो आर्मी चीफ (पूर्व) ने लिखा है और राजनाथ सिंह और पीएम मोदी ने उन्हें क्या आदेश दिए थे।
