मनालीः देशभर से तमाम सैलानी मनाली में बर्फबारी और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने आते हैं। हालांकि सैलानियों के द्वारा पहाड़ों पर गंदगी फैलानी की खबरें भी सामने आती रहती हैं। ऐसा ही एक मामला मनाली से सामने आया है। यहां कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में पंजाब के लुधियाना से आए एक सैलानी के द्वारा सड़क पर कूड़ा फेंक दिया गया। इसी दौरान पीछे से आ रहे एसडीएम ने बीच सड़क पर ही सैलानी को रोक लिया और उसकी जमकर क्लास लगा दी। इस दौरान सैलानी माफी मांगता नजर आया। मिली जानकारी के अनुसार लुधियाना से मनाली घूमने आए एक टूरिस्ट ने पिज्जा खाने के बाद उसका रेपर बीच सड़क पर फेंक दिया। कुल्लू से मनाली जा रहे दबंग एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने कूड़ा फेंकने वाले टूरिस्ट को देख लिया।
इसके बाद, एसडीएम अपनी गाड़ी से उतरे और स्वच्छता का महत्व बताते हुए टूरिस्ट को फटकार लगाई। एसडीएम ने कहा कि खुलेआम कूड़ा फेंकने में ‘शर्म नहीं आती’? तुमने डोमिनोज का पिज्जा खाया और रेपर सड़क पर फेंककर चल पड़े। ‘व्हाट इज दिस नॉनसेंस’, उन्होंने कहा कि यह कूड़ा हिमाचल के अंदर नहीं दिखना चाहिए। इस पर टूरिस्ट ने कहा कि पंजाब में फेंकूंगा, तब एसडीएम ने कहा कि पंजाब में भी कूड़ेदान में फेंकना है। आखिर में एसडीएम ने टूरिस्ट की गाड़ी की जांच के निर्देश दिए। एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने बताया कि सड़क पर कूड़ा फेंकने वाले टूरिस्ट को चेतावनी देकर छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि कूड़ा फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान लॉन्च किया जा रहा है और चालान बुक प्रिंट की जा रही है।
उन्होंने बताया कि मनाली में न केवल देश बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में टूरिस्ट घूमने आते हैं। ऐसे में सभी लोगों से मनाली को साफ-सुथरा रखने की अपील की जाएगी और गंदगी फैलाने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर कुछ लोग तर्क दे रहे हैं कि बाहरी राज्यों से मनाली आने वाले सैलानियों को ऐसी हरकत नहीं करनी चाहिए। अगर कोई इस तरह से कचरा फैलता है, तो उसे जुर्माने के साथ-साथ अच्छी तरह से प्रशासन द्वारा सैलानी को नसीहत भी दी जानी चाहिए।
ताकि वह दोबारा से इस तरह की हरकत ना कर सके। हिमाचल सरकार ने पहाड़ों को साफ-सुथरा बनाने के लिए बीते साल ही दो बड़े निर्णय लिए हैं। पहला- सभी कॉमर्शियल व्हीकल में डस्टबिन अनिवार्य किया गया है। दूसरा- पर्यटन स्थलों और पहाड़ों पर कचरा फेंकने वालों के चालान काटने का प्रावधान किया गया है। यह प्रावधान 1995 में बने हिमाचल प्रदेश नॉन बायोग्रेडेबल गारबेज कंट्रोल एक्ट में जोड़े गए हैं। गौर रहे कि इन दिनों मनाली में सैलानियों की भीड़ बढ़ रही है और सैलानी कई बार कचरे को पर्यटन स्थलों पर ही फेंक देते हैं। इससे मनाली की सुंदरता पर भी ग्रहण लग रहा है। ऐसे में एसडीएम मनाली की कार्रवाई से आने वाले समय में सैलानियों के इस तरह की हरकत पर भी रोक लगेगी।