अमृतसर। पंजाबी थिएटर से जुड़ी एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जहां, प्रख्यात नाटककार, निर्देशक और रंगमंच को नई पहचान देने वाले जतिंदर बराड़ का निधन हो गया है। उनके निधन से पूरे पंजाबी थिएटर जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। कलाकारों, लेखकों और रंगमंच प्रेमियों के लिए यह क्षति अपूरणीय मानी जा रही है।
जतिंदर बराड़ पंजाबी नाटकशाला के निर्माता के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने थिएटर को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक सशक्त सामाजिक संस्था के रूप में स्थापित किया। उनके नाटक, निर्देशन और वैचारिक प्रस्तुति ने पंजाबी रंगमंच को एक नई दिशा दी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
बराड़ के नाटकों में समाज की सच्चाइयों, मानवीय संवेदनाओं और जमीनी मुद्दों को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कई ऐसे नाटक रचे जो आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित हैं। उनके मार्गदर्शन में कई कलाकारों ने रंगमंच की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
रंगमंच से जुड़े लोगों का कहना है कि जतिंदर बराड़ सिर्फ एक कलाकार नहीं थे, बल्कि थिएटर के लिए एक विचारधारा थे। उनका जाना पंजाबी थिएटर के लिए एक युग के अंत जैसा है। उनके निधन पर थिएटर जगत, साहित्यिक संगठनों और कला प्रेमियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। जतिंदर बराड़ भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके नाटक, विचार और योगदान उन्हें हमेशा अमर बनाए रखेंगे।