ऑन्टारियो: कनाडा में पंजाबी मूल के एक सिख व्यक्ति ने खुद को फर्जी एडवोकेट बताकर लोगों से वीज़ा दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी की। केस दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया है। अब कनाडा की किचनर पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपी की पहचान 34 साल के हरशरण सिंह आहलूवालिया के रूप में की है। पुलिस ने उसके खिलाफ वारंट जारी करते हुए उसे ‘वांटेड’ घोषित किया है।
आरोपी ने खुद को पेशेवर इमिग्रेशन वकील बता कर लोगों से वर्क वीज़ा दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की। हरशरण आहलूवालिया ने लोगों का विश्वास जीतने के लिए खुद को ऑन्टेरियो का रजिस्टर्ड वकील बताया। वह पीड़ितों से वीज़ा प्रोसेसिंग और कानूनी फीस के नाम पर 5-5 हज़ार कनाडियन डॉलर वसूलता था। जांच में पता चला है कि पैसे लेने के बावजूद उसने सरकारी पोर्टल पर वीज़ा के लिए कोई आवेदन दायर नहीं किया था।
ऑन्टारियो की वाटरलू रीज़नल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी पहचान बताने के 6 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ आधिकारिक वारंट जारी किया है। पुलिस को संदेह है कि उसने मार्च 2025 से जनवरी 2026 के बीच कई और लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है। 34 साल का हर्षरण आहलूवालिया जो किचनर (ऑन्टेरियो) का निवासी है और उसके पास कनाडाई पासपोर्ट है। वह कोई रजिस्टर्ड वकील नहीं है पर कानूनी शब्दावली का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करता था।
वह एक बार में बड़ी रकम लेने की बजाय, ‘प्रक्रिया जारी है’ का बहाना बना कर महीनों तक किस्तों में पैसे लेता था। कनाडा पुलिस ने आरोपी की फोटो जारी कर जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी इस व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी मिले या कोई और व्यक्ति इसकी ठगी का शिकार हुआ हो तो वह तुरंत पुलिस से संपर्क करे। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।