40 साल बाद होगी राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप, 33 राज्यों के 350 खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
जालंधर, ENS: पंजाब एशियाई हॉकी चैंपियनशिप की 44 साल बाद मेजबानी करेगा। यह राज्य में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी का प्रतीक है और 1982 के बाद भारत में इस पैमाने का पहला टूर्नामेंट है। एशियन हॉकी चैंपियनशिप जालंधर और मोहाली में आयोजित की जाएगी। सीएम मान ने कहा कि इस आयोजन के लिए स्टेडियम और सुविधाओं को इंटरनेशनल लेवल पर अपग्रेड किया जा रहा है। इससे पंजाब में हॉकी को नया बढ़ावा मिलेगा और युवा खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलेगा। यह टूर्नामेंट राज्य के खेल इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। सीएम मान ने कहा कि पंजाब को हर साल 4 नेशनल टूर्नामेंट करवाने का भी ऑफर मिला है।
सीएम मान ने कहा कि पहली बार एशियाई हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी का आगाज होने जा रहा है। मैच की शुरुआत मोहाली में होगी, जबकि अन्य मैच जालंधर स्टेडियम में खेले जाएगे। इस टूर्नामेंट से युवाओं का हौंसला बढ़ेंगा। सीएम मान ने कहा कि खेलों में पंजाब का अहम योगदान रहा है। पंजाब की धरती ने कई मशहूर खिलाड़ी दिए है। सीएम मान ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने होला मोहल्ला की शुरुआत की थी।
सीएम मान ने कहाकि हॉकी के साथ-साथपंजाब में बैडमिंटन को बड़ा बढ़ावा मिला है। राज्य 40 साल बाद राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी करने जा रहा है। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (बीएआई) ने 38वीं सब-जूनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप पंजाब को सौंपी है। चैंपियनशिप 9 से 12 दिसंबर 2026 तक रायज़ादा हंसराज बैडमिंटन स्टेडियम,जालंधर में आयोजित होगी। इसमें 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 350 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पंजाब में पिछली बार राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप 1987 में जालंधर में ही आयोजित हुई थी।
पीबीए लगातार बीएआई के संपर्क में था और स्टेडियम की बेहतर सुविधाओं का निरीक्षण करने के बाद ही मेजबानी का अधिकार दिया गया। उन्होंने कहा कि विजेताओं को कुल ₹10 लाख का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसी के साथ खेडा वतन पंजाब दियां की शुरुआत भी सितंबर से की जाएगी। पंजाब में बाढ़ के कारण खेडा वतन पंजाब दियां को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब दोबारा से शुरुआत की जा रही है।
