अबोहर: शहर के सरकारी अस्पताल में पालने में एक लावारिस नवजात बच्ची मिली है। कर्मचारियों को वह रोती-बिलखती मिली तो अस्पताल प्रशासन को सूचना दी। डॉक्टरों ने उसे संभाला और प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उसकी हालत नाजुक है, जिसके चलते उसे फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। वहीं पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई है।
पुलिस आस-पास के अस्पतालों का रिकॉर्ड चैक करके बच्ची के मां-बाप का पता लगाने का प्रयास कर रही है। बताया जा रहा है कि सरकारी अस्पताल में जिला प्रशासन और नर सेवा नारायण सेवा समिति के सहयोग से पालने बनाए गए हैं, जिनमें रविवार रात को इस बच्ची को छोड़ा गया। बच्ची मिलने की सूचना मिलते ही नर सेवा समिति के प्रधान राजू चराया अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। बच्ची की सूचना बाल सुरक्षा विभाग की टीम को दी गई। जानकारी मिलते ही विभाग की टीम और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. साहब राम भी अस्पताल में पहुंच गए।
उन्होंने बच्ची का चैकअप करके उसे रेफर कर दिया। राजू चराया ने नवजात बच्ची को पालने में डालने वाले लोगों की सराहना की, जिन्होंने इस मासूम को सड़क पर या नहर किनारे लावारिस छोड़ने की बजाय पालने में डालने की हिम्मत दिखाई। उन्होंने कहा कि बच्ची को इलाज के लिए फरीदकोट भेजा गया है। उसके ठीक होने पर इसे प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अडॉप्शन एजेंसी को दिया जाएगा।