पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य सरकार लुधियाना, न्यू चंडीगढ़ (मोहाली) और अमृतसर में तीन वर्ल्ड-क्लास एग्जीबिशन सेंटर स्थापित करेगी, जिससे राज्य में उद्योग और व्यापार को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
एसएएस नगर में चल रहे प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान विभिन्न सत्रों में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम उद्योगों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और नए व्यावसायिक अवसरों को बढ़ाने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करेगा।
उद्योग को मिलेगा आधुनिक प्लेटफॉर्म
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब में बड़े एग्जीबिशन सेंटर की कमी है, जिसके कारण उद्योगों को अपने उत्पाद सही तरीके से प्रदर्शित करने का अवसर नहीं मिल पाता। इस कमी को दूर करने के लिए सरकार नई दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस सेंटर बनाने जा रही है।
उन्होंने कहा कि इससे उद्योगों को खरीदारों, निवेशकों और वैश्विक बाजार से जुड़ने का मौका मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इन्वेस्टमेंट समिट से मिल रहे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टमेंट समिट को एक मजबूत मंच बताते हुए कहा कि यहां निवेशक और उद्योगपति सक्रिय रूप से अपने विचार साझा कर रहे हैं और नए अवसर तलाश रहे हैं। इससे पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
एक्सपोर्ट आधारित अर्थव्यवस्था पर जोर
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य की एक्सपोर्ट आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब पारंपरिक कृषि निर्यात से आगे बढ़कर वैल्यू-एडेड उत्पादों की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले 50 वर्षों के लिए पंजाब को एक ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करना है।
कृषि और फूड प्रोसेसिंग में अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश का अन्न भंडार है और यहां हर साल लगभग 185 लाख मीट्रिक टन चावल और 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि भविष्य की वृद्धि के लिए कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन जरूरी है।
उन्होंने पठानकोट की लीची, होशियारपुर के आम और जालंधर के आलू का उदाहरण देते हुए कहा कि फूड प्रोसेसिंग से किसानों की आय में बड़ा इजाफा हो सकता है।
कृषि विविधीकरण की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं-धान चक्र से बाहर निकलने के लिए कृषि विविधीकरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर किसानों को वैकल्पिक फसलों से समान आय मिले तो वे नई फसलों को अपनाने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ क्षेत्रों में सब्जियों की खेती से भूजल स्तर में सुधार देखने को मिला है, जो पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है।
नई औद्योगिक नीति और निवेशकों को समर्थन
भगवंत मान ने हाल ही में लागू की गई इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश की सबसे प्रगतिशील नीतियों में से एक है। इसमें फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए बढ़ी हुई सब्सिडी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि Invest Punjab एक सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में निवेशकों को हर चरण में सहायता प्रदान कर रहा है।
उद्योग और निर्यात हब के रूप में उभरता पंजाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, एफएमसीजी और निर्माण सामग्री जैसे मजबूत उद्योग पहले से मौजूद हैं। 14 लाख से अधिक एमएसएमई और 7 बिलियन डॉलर से अधिक निर्यात के साथ राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने निवेशकों और वैश्विक कंपनियों को पंजाब में निवेश करने का आमंत्रण दिया।
स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रहा है। राज्य बायोएनर्जी, बायोमास और कंप्रेस्ड बायोगैस जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पराली जैसी कृषि अवशेष अब ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोग की जा रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।