अमृतसर – मजीठा रोड पर एक पीड़ित परिवार ने थाने के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़क जाम होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। थाना मजीठा रोड के बाहर धरने पर बैठे सुंदर नगर निवासी सुकेश भाटिया ने बताया कि करीब दो साल पहले 9 अक्टूबर को उन्होंने एक बच्ची को गोद लिया था। मखुवाल निवासी अमनप्रीत सिंह और करमजीत कौर उन्हें एक नर्स के जरिए अपोलो अस्पताल में मिले थे, जहां उन्हें जानकारी मिली कि वो एक बच्चे को गोद देना चाहते हैं। जिसके बाद जब बच्ची पैदा हुई तो कुछ ही घंटों में बच्ची को उनकी गोद में डाल दिया गया।
बच्ची का आधार कार्ड, बर्थ सर्टिफिकेट और अन्य सारे कागजात उनके नाम पर ही हैं। बच्ची के जन्मदाता उनसे मिलते रहते थे और अच्छा व्यवहार करते थे, लेकिन 11 अगस्त को अचानक उनकी बच्ची को ले गए। सुकेश भाटिया ने बताया कि रविवार को उन्होंने बच्ची को मिलने के लिए मॉल में बुलवाया। जहां वो उसे लेकर गए। वहां जाकर उन्होंने उसे चॉकलेट दिलाई और फिर धोखे से यह कहकर साथ ले गए कि दो घंटे में मां से मिलवाकर छोड़ जाएंगे, लेकिन फिर आज तक बच्ची को छोड़ने नहीं आए।
बीते दिन पुलिस की तरफ से उन्हें बुलाया गया था और सारे कागजात पर साइन हुए थे। उन्होंने बताया था कि पुलिस भी अब उनकी बात नहीं सुन रही है इसीलिए मजबूरन उन्हें धरना देना पड़ा। इस मामले में पुलिस अधिकारी ने बताया कि 22 महीने की बच्ची को लेकर 2 परिवारों में झगड़ा है। उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों को कल का समय दिया है और मामले की जांच की जा रही है।