फाजिल्का: पंजाब में नशे को जड़ से खत्म करने के लिए जहां पंजाब सरकार और डी.जी.पी. पंजाब गौरव यादव लगातार प्रयास कर रहे हैं। वहीं फाजिल्का में पंजाब पुलिस के एस.पी. मंजीत सिंह और सी.आई.ए. प्रभारी अमरेंद्र सिंह सोशल मीडिया पर नशा तस्करों को 10 लाख रुपए लेकर नशे सहित छोड़ने व हर महीने 5 लाख रुपये नशा तस्करों से लेने की एक पोस्ट वायरल हो रही है। पोस्ट में लिखा है कि पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान और डी.जी.पी. पंजाब गौरव यादव जी पंजाब में नशा रोकने के लिए कई वादे करते हैं लेकिन जिला फाजिल्का के एस.पी. मंजीत सिंह ने 10 लाख रुपये लेकर नशा तस्करों को नशे के साथ छोड़ दिया।

सुरजीत सिंह संधू नाम के व्यक्ति को फाजिल्का पुलिस ने पकड़ा था। उसने स्वीकार किया कि उसने 10 लाख रुपये एस.पी.डी. मंजीत सिंह को दिए हैं और नशे का कारोबार चलाने के लिएनशा बेचने वालों से 5 लाख रुपये प्रति महीना इंस्पेक्टर अमरेंद्र सिंह ने सी.आई.ए. स्टाफ को देते हैं यह मामला फाजिल्का के एस.एस.पी. के ध्यान में है, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वायरल पोस्ट में लिखा है कि इनके साथ एस.एस.पी. मंजीत सिंह ढेसी इनके साथ मिले हुए हैं और इस रेंज के ईमानदार डी.आई.जी. रणजीत सिंह ढिल्लों जोकि ईमानदार और ड्रग विक्रेता के विरोधी हैं।
उन्हें इसकी जानकारी है या नहीं। आगे लिखते हैं कि हम सभी फाजिल्का निवासी मुख्यमंत्री व डी.जी.पी. पंजाब व डी.आई को हाथ जोड़कर अनुरोध करते हैं कि वे इन अफसरों एस.पी.डी. मनजीत सिंह व सी.आई.ए. अमरिंदर सिंह पर बनती कार्रवाई की जाए। इस संबंध में जब सी.आई.ए. प्रभारी अमरिंद सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि लगातार वायरल हो रही यह पोस्ट झूठी है और मामले की जांच की जा रही है।