चंडीगढ़, 2 अप्रैल 2026: पंजाब सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभाव का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत ₹4 लाख की जान बचाने वाली सर्जरी पूरी तरह कैशलेस की गई।
इस योजना का लाभ लेने वाली सुखपाल कौर, 37 वर्षीय निवासी चंडीगढ़, को गंभीर दिल की बीमारी ‘एओर्टिक डिसेक्शन’ का पता चलने के बाद PGIMER चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था। यह एक बेहद गंभीर स्थिति होती है, जिसमें तुरंत सर्जरी की जरूरत होती है।
कैशलेस इलाज से बची जान
डॉक्टरों के अनुसार, सर्जरी, अस्पताल में भर्ती और विशेष इलाज का खर्च करीब ₹4 लाख था, जिसे इतने कम समय में जुटाना परिवार के लिए मुश्किल था।
लेकिन जैसे ही अस्पताल में सेहत कार्ड की पुष्टि हुई, इलाज बिना किसी देरी के शुरू कर दिया गया। यह पूरा इलाज योजना के तहत कैशलेस किया गया, जिसमें प्रति परिवार ₹10 लाख तक का कवर मिलता है।
परिवार के एक सदस्य ने बताया, “सब कुछ बहुत जल्दी हुआ। डॉक्टरों ने कहा कि तुरंत सर्जरी जरूरी है। इतनी बड़ी रकम तुरंत जुटाना संभव नहीं था, लेकिन सेहत कार्ड के कारण इलाज तुरंत शुरू हो गया।”
डॉक्टरों ने बताया समय पर इलाज जरूरी
PGIMER के डॉक्टर सचिन महाजन ने बताया कि एओर्टिक डिसेक्शन एक गंभीर बीमारी है, जिसमें तुरंत सर्जरी करना जरूरी होता है।
उन्होंने कहा, “ऐसे मामलों में थोड़ी सी देरी भी जोखिम बढ़ा सकती है। सेहत योजना के तहत कार्ड वेरिफाई होते ही हम बिना वित्तीय मंजूरी का इंतजार किए इलाज शुरू कर सकते हैं, जिससे मरीज को समय पर इलाज मिलता है।”
सरकार ने बताया योजना का असर
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि ऐसे कठिन समय में किसी की जान बचाना बहुत संतोषजनक होता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में यह योजना जमीन पर बड़ा असर दिखा रही है।
“अब परिवारों को इलाज के लिए पैसे की चिंता नहीं करनी पड़ती और उन्हें तुरंत इलाज मिल जाता है,” उन्होंने कहा।
पूरे पंजाब में योजना का विस्तार
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लाखों परिवार पहले ही लाभ ले चुके हैं और कई महंगे इलाज मुफ्त में किए जा रहे हैं।
पंजाब सरकार लोगों को सेहत कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित कर रही है, ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें।
अधिकारियों का कहना है कि यह योजना राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और लोगों पर आर्थिक बोझ कम करने में अहम भूमिका निभा रही है।