लुधियाना : लोकसभा चुनाव के तुरंत पहले सबसे पुरानी कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में आने वाले एकमात्र नेता रवनीत सिंह बिट्टू मोदी 3.0 मंत्रिपरिषद के सदस्य बने हैं। हालांकि रवनीत लोकसभा चुनाव में लुधियाना से खुद सीट हार गए थे। रविवार को राष्ट्रपति भवन में रवनीत ने मंत्री पद की शपथ ली। रवनीत सिंह बिट्टू के अलावा जतिन प्रसाद और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले वो नेता हैं जिन्होंने मोदी 3.0 में मंत्रिपरिषद की शपथ ली है। हालांकि ये दोनों नेता लोकसभा चुनाव के काफी पहले मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे और केंद्र सरकार में मंत्री बने थे।
इसके अलावा विकासशील इंसान पार्टी छोड़कर 2020 में भाजपा में शामिल हुए राज भूषण चौधरी ने भी रविवार को राज्यमंत्री पद की शपथ ली है। तीन बार के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू मार्च में दिल्ली जाकर भाजपा में शामिल हुए थे और उन्होंने कहा था एक बार लोगों ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का मन बना लिया है। बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। जिनकी 1995 में एक आतंकी हमले में हत्या कर दी गई थी।
2024 में रवनीत सिंह बिट्टू ने लुधियाना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा ने 20 हजार 942 वोटों से हरा दिया। अब बिट्टू को 6 महीने के अंदर ही संसद का सदस्य बनना होगा। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को पंजाब में खाता भी नहीं खोल सकी और यहां सभी सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। शायद यही कारण है कि पंजाब में अपना प्रतिनिधि रखने के लिए भाजपा ने बिट्टू को मंत्रिपरिषद की शपथ दिलाई है। बिट्टू लुधियाना और आनंदपुर साहिब से दो बार लोकसभा सीट जीत चुके हैं।