लुधियानाः लोकसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए जा रहे विवादित बयानों को लेकर विपक्ष ने घेराव करना शुरू कर दिया है। हाल ही में चन्नी ने पूंछ में शहीद हुए नौजवान को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसको लेकर विपक्ष ने जमकर कांग्रेस पर तंज कसे थे। वहीं अब सुखपाल खैरा द्वारा गैर पंजाबियों को लेकर दिए गए बयान के मामले में विपक्ष ने एक बार फिर से कांग्रेस का घेराव करना शुरू कर दिया है। इस मामले को लेकर लुधियाना से भाजपा उम्मीदवार पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की शह पर सुखपाल खैरा ने यह बयान विवादित बयान दिया है। बिट्टू ने कहा कांग्रेस पार्टी की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने विवादित बयान दिया था। वहीं बीएसएफ को लेकर कुलबीर जीरे द्वारा की गई टिप्पणी पर रवनीत बिट्टू ने कहा उन्हें नहीं पता लगता कब क्या बोलना है। बिट्टू ने कहाकि इस बात का जवाब कांग्रेस को देना पड़ेगा कि उनके नेता बार-बार ऐसे क्यों बोल रहे है। उन्होंने कहा कांग्रेस के इस दिए गए बयान से अन्य राज्यों में रह रहे पंजाबियों की जान को खतरा हो सकता है।
बता दें कि कांग्रेस के संगरूर से उम्मीदवार सुखपाल खैरा ने कहा था कि गैर पंजाबियों को पंजाब में वोट देने का अधिकार नहीं मिले। इसके साथ ही उन्होंने गैर पंजाबियों को सरकारी नौकरी भी नहीं देने की वकालत की थी। खैरा ने कहा कि पंजाब को बचाने के लिए गैर पंजाबियों को वोट देने का अधिकार नहीं दिया जाए। अगर इसी तरीके से गैर पंजाबी लोगों को यहां पर रहने दिया गया तो आने वाले 15-20 साल में यहां पर पंजाबी नहीं मिलेंगे और ना ही सिरों पर पगड़ी मिलेगी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर कानून बनाने की मांग की।
खैरा ने कहा कि मैंने यह कानून बनाने के लिए 2023 में स्पीकर कुल्तार संधवा को एक पत्र दिया था, लेकिन उस पर कोई भी काम नहीं हुआ। पंजाब में यह कानून बनना चाहिए कि कोई भी गैर पंजाबी ना ही यहां पर जमीन ले सके, ना ही यहां पर वोट दे सके और ना ही यहां पर सरकारी नौकरी कर सके। उन्होंने कहा कि पंजाब सिखों की मेजोरिटी वाली एक स्पेशल स्टेट है और हमें बचाने के लिए और पंजाब को बचाने के लिए इस कानून को पंजाब में लागू करना होगा।