चंडीगढ़ : पंजाब के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने भ्रष्टाचार में लिप्त तीन अलग-अलग मामलों में पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के सात अफसरों समेत आठ को निलंबित कर दिया। इनमें चार एसडीओ, एक एसईडी, एक जेई, एक डिवीजनल अकाउंटेंट और एक लाइनमैन शामिल है। तीनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। बिजली मंत्री ने बताया कि मुबारकपुर एसडीओ गुरजिंदर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन पर औद्योगिक कनेक्शन जारी करने के मामले में आवेदक को परेशान करने का आरोप लगा था।
पीएसपीसीएल के इन्फोर्समेंट विंग ने इस मामले की जांच की और आरोप सही मिला। दूसरे मामले में गबन के आरोप में एसडीओ हरजीत सिंह, दर्शन सिंह, सब डिविजन बस्सियां के एसडीओ छिंदर पाल सिंह, जेई दलजीत सिंह और लाइनमैन अजीतपाल सिंह को निलंबित किया गया है। इन पर पीएसपीसीएल के स्टोरों से निकाली गई सामग्री को गोलमोल करने का आरोप है। इस मामले की पीएसपीसीएल के ऑडिट विंग ने जांच की थी। तीसरे मामले में सब डिवीजन अमलोह के अतिरिक्त एसईडी सुमेल सिंह और डिवीजनल अकाउंटेंट किरन कुमार को निलंबित किया गया। इन पर पीएसपीसीएल के फंडों में घपले का आरोप है।
बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। तीनों मामलों में सीनियर अधिकारियों के शामिल होने की भी जांच की जा रही है। इन गतिविधियों में शामिल पाए गए किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।
विभाग के किसी भी मुलाजिम की तरफ से अगर किसी भी स्तर पर उपभोक्ताओं से दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार में शामिल होने का कोई मामला सामने आया तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही बिजली मंत्री ने पंजाब के लोगों से भी अपील की है कि वे राज्य से रिश्वतखोरी को जड़ से उखाड़ने के लिए सरकार को सहयोग दें और अगर बिजली विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो तुरंत उनके दफ्तर को सूचना दी जाए।