चंडीगढ़, 11 अप्रैल 2026: पंजाब सरकार ने अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पंजाब पुलिस को नई रिवॉर्ड पॉलिसी के तहत मुखबिरों को इनाम देने की अनुमति दी है, जो वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में पुख्ता जानकारी देंगे। इसके साथ ही राज्य के 28 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची भी जारी की गई है।
यह पहल ‘Gangstran Te Vaar’ अभियान के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य पंजाब को गैंगस्टर मुक्त बनाना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है।

रिवॉर्ड पॉलिसी से बढ़ेगी जनभागीदारी
नई नीति के तहत अलग-अलग स्तर के पुलिस अधिकारियों को इनाम देने की शक्तियां दी गई हैं।
एसएसपी (SSP) को ₹1 लाख तक, पुलिस कमिश्नर/आईजी/डीआईजी को ₹1.5 लाख तक, और विशेष डीजीपी/एडीजीपी को ₹2 लाख तक इनाम मंजूर करने का अधिकार दिया गया है। ₹2 लाख से अधिक का इनाम डीजीपी द्वारा स्वीकृत किया जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इनाम केवल सही और सत्यापित जानकारी पर ही दिया जाएगा। साथ ही मुखबिर की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एडीजीपी प्रमोद बान ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य आम लोगों को भी अपराध के खिलाफ इस अभियान का हिस्सा बनाना है।
हेल्पलाइन नंबर जारी, सुरक्षा का भरोसा
पंजाब पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ‘एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन’ नंबर 93946-93946 पर जानकारी साझा करें।
पुलिस ने कहा कि जो लोग वांछित अपराधियों, घोषित अपराधियों या आदतन अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद करेंगे, उन्हें इनाम दिया जाएगा।
इनाम की राशि अपराध की गंभीरता, जोखिम और दी गई जानकारी की गुणवत्ता के आधार पर तय की जाएगी। पुलिस ने यह भी भरोसा दिलाया कि मुखबिर की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी और उसे किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होगा।
‘Gangstran Te Vaar’ के तहत बड़ा अभियान
इस अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने राज्यभर में बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। अब तक गैंगस्टरों से जुड़े ठिकानों पर 56,487 रेड की जा चुकी हैं।
इस अभियान में अब तक 19,894 गिरफ्तारियां की गई हैं। 9,353 लोगों के खिलाफ निवारक कार्रवाई की गई, जबकि 15,284 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
इसके अलावा 851 घोषित अपराधियों (POs) को भी गिरफ्तार किया गया है।
सरकार का कहना है कि यह नई रिवॉर्ड पॉलिसी पुलिस के प्रयासों को और मजबूत करेगी और आम लोगों की मदद से अपराधी नेटवर्क को खत्म करने में तेजी आएगी।
लोग इस हेल्पलाइन के जरिए गुप्त रूप से भी जानकारी दे सकते हैं, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।