लुधियाना। पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल ने गन रखने वालों पर नकेल कसते हुए 24 असलहा लाइसेंस रद्द किए हैं। इस दौरान उन्होंने बताया कि रद्द करने के कई कारण हैं, जैसे कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर शोसल बाजी के लिये फोटो डालते हैं। वहीं, कुछ लोग दूसरों को प्रभावित करने के लिए सार्वजनिक रूप से हथियार दिखाते हैं, जबकि अन्य अपने विरोधियों पर हथियार तानते हैं।
पुलिस कमिश्नरेट से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इन 24 रद्द किए गए हथियारों के लाइसेंसों के अलावा, कई हथियारों के लाइसेंस भी विभिन्न कारणों से शीर्ष पुलिस अधिकारी द्वारा जांच के दायरे में रखे गए हैं और आने वाले दिनों में उन्हें रद्द किया जा सकता है। शीर्ष पुलिस अधिकारी द्वारा हथियार लाइसेंस धारकों को हथियारों का दुरुपयोग करने, सार्वजनिक रूप से हथियार दिखाने और सोशल मीडिया पर रील या पोस्ट बनाने से बचने की चेतावनी जारी करने के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है, फिर भी लाइसेंस धारक निर्देशों का बहुत कम ध्यान रखते हैं।
मीडिया से बातचीत दौरान पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चहल ने कहा कि हथियार लाइसेंस रखने का मतलब यह नहीं है कि हथियार धारक सार्वजनिक रूप से भय पैदा करने के लिए हथियार दिखा सकता है या वह इसका इस्तेमाल जश्न मनाने के लिए फायरिंग के लिए कर सकता है। लाइसेंस संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा के लिए जारी किया जा रहा है और किसी भी तरह का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर ने खुलासा किया कि कमिश्नरेट में प्रतिदिन औसतन 10 से अधिक नए शस्त्र लाइसेंस बनाने के लिए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, लेकिन केवल उन्हीं व्यक्तियों को शस्त्र लाइसेंस दिया जाएगा, जिन्हें वास्तविक खतरा है। किसी अन्य व्यक्ति का शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत नहीं किया जाएगा, जो केवल सामाजिक स्थिति या किसी अन्य कारण से शस्त्र लाइसेंस रखना चाहता है।
आप को बता दें 148 लोग असला लाइसेंस भी खो सकते क्योंकि स्टिंग ऑपरेशन में फर्जी डोप टेस्ट प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला में सामने आया है। गौरतलब है कि जिले में 148 असला लाइसेंस धारकों को नवीनीकरण के लिए आवश्यक डोप टेस्ट फिर से देने के लिए कहा गया था, ऐसा न करने पर उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।