चंडीगढ़ः पंजाब सरकार द्वारा पराली जलाने को लेकर भले ही कार्रवाई की जा रही है। लेकिन उसके बावजूद मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। वहीं पराली को जलाने से रोकने के लिए तैयार किए गए एक्शन प्लान को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने झटका दिया है। NGT ने सरकार को संशोधित प्लान देने के आदेश दिए हैं। यह प्लान उन्हें अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले दाखिल करना होगा। वहीं, इस मामले की अब 22 मार्च को सुनवाई तय की गई है। सर्दियों के मौसम में पराली जलाने से हर साल दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) क्षेत्र में वायु प्रदूषण की दिक्कत बढ़ जाती है।
ऐसे में इसके लिए पंजाब व हरियाणा पर सवाल उठते हैं। इससे जुड़े केस में NGT ने कहा है कि पंजाब में उचित अंतराल के बाद हवा की गुणवत्ता का आकलन किया जाना चाहिए। खासकर धान कटाई के मौसम के पहले और बाद में खास ध्यान दिया जाना चाहिए। वहीं, हॉटस्पॉट एरिया पर नजर रखी जानी चाहिए। उचित स्थानों पर पर्याप्त संख्या में परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन स्थापित किए जाने चाहिए।
हॉटस्पॉट पर पिछले साल नवंबर में ट्रिब्यूनल ने पंजाब सरकार को एक समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने और प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। योजना में कमियों को ध्यान में रखते हुए एनजीटी ने कहा कि हमने पाया है कि कार्य योजना कमोबेश नियमित अभ्यास की अभिव्यक्ति है। कार्य योजना के घटक में एक निश्चित समय-सारिणी का अभाव है। ऐसे में नए सिरे से प्लान तैयार किया जाए।
