लुधियानाः पंजाब राज्य महिला आयोग की ओर से पुलिस लाइन में महिलाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए आज लोक अदालत लगाई गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह लोक अदालत प्रत्येक जिले में लगाई जा रही है और इनका मकसद एक ही होता है। चेयरपर्सन का कहना है कि कई लोगों के उन्हें मैसेज मिल रहे है और कहा जा रहा हैकि वह मोहाली नहीं आ सकते है। ऐसे में डिस्ट्रिक टू डिस्ट्रिक जाकर लोक अदालत लगाई जा रही है।
वहीं आज 47 वॉकिंग केस उनके पास पहुंचे थे। इस दौरान लुधियाना के 30 केस लगे हुए थे, ऐसे में कुल 77 केस उनके पास आए है। राज लाली ने वॉकिंग केस को लेकर कहा कि इसमें डोमेस्टिक वायलेंस के केस अधिक थे। वहीं दूसरे केस प्रॉपर्टी से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि यह केस कोर्ट को हैंडल किए जाते है, क्योंकि इस केस को कमिशन हैंडल नहीं करता। राज लाली ने बताया कि छोटे-मोटे प्रॉपर्टी केस का निपटारा एसडीएसम को दे दिया जाता है।
वहीं बुजुर्गों को घर से निकालने के केस में लगातार बढ़ौतरी देखने को मिल रही है। इस केस में पुलिस की मदद से डीसी और एसडीएम को भेजे जाते है और उनका निपटारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि कोर्ट केस में अधिक समय होने के कारण कुछ केस उनके पास दोबारा से वापिस आ जाते है और उसमें वह पीड़ितों की सिर्फ मदद करते है, लेकिन केस को हैंडल नहीं करते।
इसी के साथ प्रेम विवाह में भागकर शादी करवाने के बाद लड़का या लड़की दूसरी जगह चले जाते है। राज लाली ने कहाकि यह केस जायज नहीं है, लेकिन शादी का झांसा देकर केस के सबूत सामने आने पर उस केस में बनती कार्रवाई को लेकर धारा लगाई जाती है। राज लाली ने बताया कि अधिकतर केस उनके पर पति-पत्नी के आए है, जिसमें आरोप हैकि पत्नी और बच्चों की पति देखभाल नहीं करता है।