लुधियानाः जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, हैबोवाल की नामदेव कॉलोनी (बाबा बालक नाथ मंदिर के पास) में एक विवाहिता को उसके ही ससुराल वालों ने बेरहमी से पीटने के बाद पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया। हैरानी की बात यह है कि पीड़िता ने इस पूरी खौफनाक साजिश में स्थानीय पुलिस की मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। गंभीर रूप से घायल पीड़िता रुतिका (रुचिका) फिलहाल के सिविल अस्पताल में भर्ती है और इंसाफ की गुहार लगा रही है। अस्पताल के बेड पर दर्द से कराहती रुचिका ने बताया कि यह पूरी एक सोची-समझी साजिश थी। उसे जगतपुरी पुलिस चौकी के इंचार्ज ने बहाने से बुलाया। जब उसने कहा कि 14 जुलाई को कोर्ट में उसके बयान होने हैं, जो जज कहेंगे वो मानेगी।
पीड़िता ने कहा कि पुलिस ने उस पर घर खाली करने का दबाव बनाया और झूठा केस दर्ज करने की धमकी दी। रुचिका का आरोप है कि जिस वक्त पुलिस उसे चौकी में बैठाकर उलझाए हुए थी, ठीक उसी वक्त पीछे से उसके जेठ, ससुर और पति ने उसके कमरे के ताले तोड़ दिए और उसका सारा सामान बाहर फेंक दिया। रुचिका ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि जब वह पुलिस चौकी से जान बचाकर अपने घर पहुंची, तो पति ने बाहर ही उसकी स्कूटी की चाबी निकाल ली। इसके बाद पति ने उसकी गर्दन पकड़ी और घसीटते हुए गेट के अंदर ले गया। घर के अंदर जेठ और ससुर पहले से मौजूद थे। उन्होंने पहले तो बुरी तरह मारपीट की, गालियां दीं और फिर जान से मारने की नीयत से उसे पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया। नीचे गिरते ही वह बेहोश हो गई।
रुचिका की शादी को 9 साल हो चुके हैं और उसका एक 6 साल का बेटा भी है। पिछले कुछ समय से उसका पति उससे अलग रह रहा था, लेकिन हमले के दिन वह भी साजिश में शामिल हो गया। लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़ी रुचिका को पड़ोसियों ने बस्सी अस्पताल पहुंचाया। वहां से होश आने पर वह रेंगती हुई बाहर आई और लोगों की मदद से एंबुलेंस बुलाकर सिविल अस्पताल पहुंची। पीड़िता का कहना है कि मोहल्ले वाले ही उसे कई दिनों से रोटी-पानी दे रहे थे।
रुचिका ने प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि उसे इंसाफ दिया जाए। जिन ससुराल वालों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर उसकी जान लेने की कोशिश की है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो और उसे उसके घर में इज्जत और सुरक्षा के साथ रहने का अधिकार मिले। अब देखना यह होगा कि इस ‘कंट्रोवर्सियल’ मामले में लुधियाना पुलिस अपने ही चौकी इंचार्ज पर लगे आरोपों की क्या सफाई देती है और क्या हत्या के प्रयास के आरोप में ससुराल वालों पर मामला दर्ज होता है या नहीं।
