बठिंडाः जिले में वर्धमान ग्रुप की और से इकाई को बंद कर उसमें बिना किसी मंजूरी के अवैध प्लाट काटने के मामले में नगर निगम की तरफ से प्रबंधकों को नोटिस निकालने के बाद विजिलेंस की टीम एक्शन मोड पर आ गई। दरअसल, आज चंडीगढ़ से स्थानीय निकाय विभाग की विजिलेंस विंग की टीम पहुंची और उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी। सीनियर विजिलेंस ऑफिसर की अगुआई में टीम नगर निगम दफ्तर पहुंचकर निगम से वर्धमान फैक्टरी की जमीन से संबंधित पूरा रिकार्ड हासिल किया।
जहां निगम अधिकारियों से वर्धमान कंपनी की तरफ से कालोनी बनाने संबंधी मंजूरी लेने के लिए जमा करवाए गए दस्तावेज की कापियां की मांग की। इस दौरान निगम के एमटीपी सुरिंदर बिंदरा ने विजिलेंस टीम को बताया कि कंपनी की तरफ से अभी तक निगम के पास कोई भी दस्तावेज या मंजूरी के लिए अप्लाई नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि निगम के नोटिस संबंधी कोई जवाब भी नहीं दिया गया है।
एटीपी ने कहा कि नगर निगम की ओर से 13 जनवरी 2025 को वर्धमान फैक्टरी के प्रबंधकों को नोटिस जारी कर विभाग या सरकार से ली गई मंजूरी की कापी पेश करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन उनकी तरफ से निगम के नोटिस संबंधी कोई जवाब नहीं दिया गया है। एमटीपी बिंदरा का कहना है कि फैक्टरी प्रबंधक की तरफ से पहले नोटिस लेने से इन्कार कर दिया था, लेकिन निगम नोटिस फैक्टरी के मुख्य गेट पर चस्पा कर दिया गया था।
