पठानकोटः पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके चलते भवन निर्माण कार्यों के लिए रेत और बजरी की आपूर्ति हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर से की जा रही है। अब खनन विभाग ने बाहरी राज्यों से आने वाली रेत-बजरी पर राज्यकर (State Tax) लगा दिया है, जिससे मजदूरों और ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिकों में नाराज़गी देखी जा रही है। आज सुबह गुरु रविदास चौक पर खनन विभाग की टीम ने रेत-बजरी से लदी कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोक लिया और प्रति ट्रॉली 1000 रुपये राज्यकर के रूप में वसूला। इस दौरान वाहन चालकों और मजदूरों में विरोध देखा गया।
ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिकों ने बताया कि वे पिछले तीन सालों से सरकार के सभी नियमों का पालन कर रहे हैं। उनका कहना है कि विभाग द्वारा यह अधिसूचना रात में जारी की गई और सुबह से ही लागू कर दी गई, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस नए कर को लागू करने से पहले कम से कम एक दिन का समय दिया जाना चाहिए था ताकि वे बिल में राज्यकर का प्रावधान जोड़ सकें।
वहीं, इस संबंध में खनन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि कल रात एक अधिसूचना जारी की गई थी, जिसके तहत बाहरी राज्यों से रेत-बजरी लाने वाले वाहनों से प्रति ट्रॉली 1000 रुपये राज्यकर वसूला जाएगा। विभाग का कहना है कि यह कदम राजस्व वृद्धि और खनन नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, तथा जो वाहन राज्यकर का भुगतान नहीं करेंगे, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।