Sportsperson महिला का विवाद, DSP ने दिए निर्देश
कपूरथलाः शहर के मॉल रोड पर ट्रैफिक नियमों की जांच के दौरान डीएसपी शीतल सिंह ने एक ऐसी गाड़ी को रोका, जिस पर आगे नंबर प्लेट नहीं लगी थी और लाल-नीली लाइट भी लगी हुई थी। गाड़ी चला रहे युवक ने बताया कि उसके पिता तहसीलदार हैं। डीएसपी ने बताया कि तहसीलदार के बेटा थार चला रहा था। इस दौरान बिना नंबरी थार और व्हीकल लाइट लगाई हुई थी। दस्तावेज को लेकर कहा गया कि एक्सीडेंट होने के कारण नंबर प्लेट नहीं लगा हुआ था। वहीं पीसीआर कर्मी ने बताया कि पहले भी उक्त थार चालक को रोका गया था और चेतावनी देकर छोड़ा गया था।
जिसके बाद अन्य दस्तावेज की जांच की जा रही है। उन्होेंने कहा कि बच्चा है, ऐसे में दोबारा चेतावनी देकर छोड़ा जाएगा। डीएसपी ने लोगों से दस्तावेज को डिजी लॉकर में रखने की अपील की है और पर्सनल व्हीकल पर यह लाइन वैध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के अनुसार इमरजेंसी व्हीकल पर ही इस लाइट को लगाया जा सकता है। डीएसपी शीतल सिंह ने चालक से गाड़ी के कागजात मांगे और तुरंत लाल-नीली लाइट हटाने के निर्देश दिए। मामला बढ़ता देख पीसीआर इंचार्ज को मौके पर बुलाया गया और गाड़ी का चालान काटने के आदेश दिए गए। इसी दौरान चालक की माता व स्पोर्ट्स पर्सन मौके पर पहुंच गईं। आरोप लगाए जा रहे है कि उन्होंने डीएसपी से बहस करते हुए कहा, “फेर की होया के मेरे मुंडे ने लाइट ला ली, जा गाड़ी का नंबर नहीं लिखा है, पीछे नंबर लिखा हैं।”
महिला बताया कि वह स्पोर्ट्स पर्सन है। महिला ने वहां मौजूद भीड़ को भी डांटना शुरू कर दिया और मीडिया पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जहां देखो मीडिया पहुंच जाता है। डीएसपी शीतल सिंह ने बताया कि उक्त युवक को पहले भी कई बार चेतावनी देकर छोड़ा जा चुका है, लेकिन इस बार उन्होंने खुद उसे पकड़ा है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी निजी वाहन पर लाल-नीली लाइट लगाना नियमों के खिलाफ है, चाहे व्यक्ति कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्ती होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी पद या प्रभावशाली परिवार से क्यों न हो।
