फिरोज़पुरः ज़िले के हल्का गुरु हरसहाय के क्षेत्र में सामाजिक स्तर पर दिन-ब-दिन लालच इंसान के अंदर इस कदर बढ़ रहा है कि सामाजिक और नैतिक रिश्ते रोज-ब-रोज खत्म होने के कगार पर आ खड़े हैं। ऐसा ही मामला सरहदी गांव गज़नीवाला मत्तड़ उताड़ के सामने आया है, जहां विधवा महिलाऔर उसकी विधवा बेटी के साथ रिश्तेदारों में भतीजों और उनकी पत्नियों के अलावा परिजनों द्वारा घर के जमीन के टुकड़े को लेकर मारपीट के आरोप लगे है। इस घटना में दोनों को काफी चोटें आई है। घायलों को उपचार के लिए मदमोट के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
वहीं दूसरी ओर घायल हुई महिला और उसके पति इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। यहां यह बताना उचित होगा कि विधवा बुजुर्ग माता कौड़ो बाई के ना तो पति दुनियां में हैं और ना ही उनका कोई पुत्र है। सबसे बड़ा दुःख का पहाड़ तब टूटा जब उनके जीवन साथी की भी मृत्यु हो गई, और अपनी विधवा बेटी सलमा रानी को और अनाथ 3 पोतियों को लेकर वे एक-दूसरे का सहारा बनें हुए हैं।
दुख की कहानी सुनाते हुए बुजुर्ग माता कौड़ो बाई ने बताया कि उसके देवर के दोनों बेटे और उनकी पत्नियों के अलावा सगे संबंधी ने घर के पास लगे पशु वाली जगह पर कब्जा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि जब उन्होंने उन्हें रोकना चाहा तो सभी मिलकर उस पर और पशुओं को तुड़े वाले उपकरण से हमला कर दिया, जिसमें उसके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। लड़ाई के समय बनाई गई दोनों वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि किस तरह हाथों में लाठी-डंडे लेकर लोग लड़ाई की तरफ बढ़ रहे हैं।
दोनों पीड़ित मां-बेटी ने जिला पुलिस प्रशासन और सरकारी विभाग से गुहार की है और हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, दूसरे पक्ष ने अपने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि दोनों मां-बेटी ने ही उनका पिटाई की है।
