लुधियानाः पंजाब के 5 नगर निगम चुनावों के नतीजे भले ही जारी हो चुके है, लेकिन जारी नतीजो के बाद से मेयर पद को लेकर सीटों पर पेच अभी तक फंसे हुए है। दरअसल, 5 जिलों में हुए नगर निगम चुनावों में भले ही जालंधर में आप पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, लेकिन यहां पर भी मेयर पद को लेकर कई दावेदार सामने आ रहे है। दूसरी ओर अमृतसर, लुधियाना में आप पार्टी के लिए मेयर पद को लेकर दुविधा बनी हुई है।

हालांकि आप पार्टी इन जिलों में मेयर बनाने के दावे कर रही है, लेकिन दूसरी ओर लुधियाना के जिला प्रधान संजय तलवाड़ ने सोशल मीडिया पर आप पार्टी के मेयर बनाने के दावे को लेकर पोस्ट शेयर की है। जिसमें उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिखते हुए कहा कि ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है, पिक्चर अभी बाकी है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैकि एक बार फिर से कांग्रेस और भाजपा में गठबंधन को लेकर सहमती बनती हुई दिखाई दे रही है। लुधियाना में भाजपा और कांग्रेस गठबंधन को लेकर भले ही कैबिनेट मंत्री रवनीत बिट्टू ने मना कर दिया था, लेकिन बिट्टू के बयान के बाद अब कांग्रेस जिला प्रधान के सोशल मीडिया पोस्ट से एक बार फिर से राजनीति गलियारे में हलचल शुरू हो गई है।
वहीं अमृतसर की बात करें तो वहां भी मेयर की गद्दी के लिए परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं। कांग्रेस के सामने न सिर्फ बहुमत पाने की चुनौती है, बल्कि आम आदमी पार्टी (आप) का बढ़ता प्रभाव भी बड़ी चिंता का विषय है। 85 वार्डों वाले इस नगर निगम में बहुमत के लिए 46 पार्षदों की जरूरत होगी, लेकिन मौजूदा संख्या और संभावित गठबंधन ने इस चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।
कांग्रेस नेता लगातार यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं कि मेयर का नाम हाईकमान तय करेगा। लेकिन बहुमत का आंकड़ा कैसे पहुंचेगा, इस पर कोई भी बोलने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के पास मौजूदा 24 पार्षदों के साथ 5 विधायकों का समर्थन है। वहीं कांग्रेस जिन 8 विधायकों को अपने पक्ष में करने की बात कर रही है, उनमें से ज्यादातर मौजूदा आप सरकार के खिलाफ नहीं जाना चाहते। जिसके चलते कांग्रेस का आंकड़ा 40 से आगे जाना मुश्किल हो रहा है।