अमृतसर: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक ने आज प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शहर के विकास और रेलवे परियोजनाओं के संबंध में बड़े खुलासे किए। मलिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा “आत्म-निर्भर और विकसित अमृतसर” के सपने को साकार करने के लिए केंद्र सरकार ने खज़ाने खोल दिए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले लंबे समय से राजनीति की भेट चढ़े अमृतसर-फिरोजपुर रेलवे लिंक प्रोजेक्ट के लिए 764 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
श्वेत मलिक ने जानकारी दी कि इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन ग्रहण करने के लिए फिरोजपुर और तरन तारन के जिला प्रशासन को फंड ट्रांसफर कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि डीसी फिरोजपुर को 56 करोड़ रुपये और डीसी तरन तारन को 131 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं ताकि किसानों को बनता मुआवजा देकर जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। इस रेलवे लिंक के बनने से अमृतसर से मुंबई की दूरी में 5 घंटे की कटौती होगी और पंजाब सीधे गुजरात और राजस्थान की चुनावी बंदरगाहों (कांडला पोर्ट) से जुड़ जाएगा।
इससे व्यापारियों और उद्यमियों को माल भेजने में बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पंजाब के रेलवे विकास के लिए 5,673 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। उन्होंने सतलुज नदी पर 400 करोड़ की लागत से बने नए रेलवे पुल के बारे में भी बताया, जिसका काम जल्दी शुरू हो रहा है। शहर के अंदरूनी विकास के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमृतसर रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने के लिए काम चल रहा है।
छेहरटा रेलवे स्टेशन पर 60 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। शहर की ट्रैफिक समस्या को हल करने के लिए रीगो ब्रिज को फोर-लेन बनाया जा रहा है, जो अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। इसके अतिरिक्त वर्का रेलवे ओवरब्रिज और जोड़ा फाटक अंडरपास जैसे प्रोजेक्ट भी लोगों को बहुत सुविधा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वंदे भारत के बाद अब दिल्ली-अमृतसर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर भी काम शुरू हो चुका है।
