मोहालीः गांव सोहाना के सेक्टर-82 के मैदान में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और वैदवान स्पोर्ट्स क्लब द्वारा कबड्डी कप में गोलियां चली। इस घटना में कबड्डी कप में आए खिलाड़ी और प्रमोटर राणा बलाचोरिया की गोली लगने से मौत हो गई। दरअसल, फैन बनकर मिलने आए 3 युवकों ने सेल्फी लेते ही बलचोरिया पर गोलियां चला दी। जैसे ही वह फोटो खिंचवाने लगा, उन्होंने पिस्तौल से 4-5 राउंड फायरिंग की। इसके बाद हवाई फायरिंग करते हुए हमलावर मोटरसाइकिल और बोलेरो से फरार हो गए। गोली उसके सिर और चेहरे पर लगी।

गंभीर हालत में घायल को तुरंत फेज-8 स्थित फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान राणा बल्लाचोरिया की मौत हो गई। राणा बलाचोरिया की 10 दिन पहले ही शादी हुई थी। दूसरी ओर देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट करके घनश्यामपुरिया गैंग से जुड़े सागरनोरीत ने इसकी जिम्मेदारी ली । गैंग ने राणा को लॉरेंस गैंग से संबंधित बताया तथा सिद्धू मुसेवाला केस में भी राणा की भूमिका बताते हुए इसे अपना बदला बताया। पोस्ट में कहा गया है कि उन्होंने अपने भाई सिद्धू मूसेवाला का बदला लिया है।
अब तक कबड्डी टूर्नामेंटों में सट्टेबाजी और गैंगस्टरिज़्म की इनवॉल्वमेंट सामने आ रही है। पिछले चार वर्षों में कबड्डी खिलाड़ियों और प्रमोटरों की हत्याओं के पीछे भी गैंगस्टरों का हाथ दिखा है। कुल मिलाकर पिछले 2-5 वर्षों में यही कबड्डी खिलाड़ी और प्रमोटर तीसरी बार मारे गए। इससे पहले 2022 में संदीप नंगल अंबियाँ को जालंधर में कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान गोलियों से भूनकर मार दिया गया था।
उसके बाद अक्टूबर 2025 में जगराऊं के तेजपाल सिंह को गोलियों से हताहत किया गया था। तीसरा—5 नवंबर 2025 को लुधियाना में गुरविंदर सिंह की भी हत्या कर दी गई थी, और अब 2025 खत्म होते-होते राणा बलाचोरिया को भी गोलियों से मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। इन सभी हमलों की जिम्मेदारी गैंगस्टरों ने भी स्वीकार की है कि ये हम लोगों ने किए हैं। पुलिस अब यह तहकीकात कर रही है कि खेल के मैदानों के भीतर खिलाड़ियों के पीछे जिस तरह की सट्टेबाजी दिखाई देती है, उसके पैसे कहीं बाहर देश में बैठे गैंगस्टर ही तो खिलाड़ियों को प्रोमोट करके नहीं भेज रहे।
क्योंकि पंजाब और कनाडा में इन टूर्नामेंटों में जग्गू भगवानपुरिया की भूमिका भी सामने आई थी। वहीं गोल्डी बराड़ और लारेंस बिश्नोई के कबड्डी कप मैचों में निवेश से जुड़े संकेत भी मिले हैं। बताया गया कि इसी वजह से सिद्धू मूसेवाले की मौत का कारण भी बनी घटनाएं जुड़ी थीं। जब लारेंस बिश्नोई ने एक कबड्डी टूर्नामेंट में सिद्धू मूसेवाले को प्रोग्राम करने से रोका था, तो उसने उस टूर्नामेंट में जाकर लारेंस को चुनौती दी थी और इसीलिए लारेंस ने सिद्धू मूसेवाले को धमकियां दी थीं।